Air Force Chief AP Singh: वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान योगदान के लिए एनसीसी कैडेट्स की जमकर तारीफ की है। नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) गणतंत्र दिवस कैंप में कैडेट्स को संबोधित करते एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने इस संदेश को मजबूत किया कि लोगों को राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि जीवन सिर्फ पैसा कमाने या निजी उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देना भी उतना ही जरूरी है। दिल्ली कैंट में आयोजित राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) गणतंत्र दिवस शिविर को संबोधित करते हुए वायुसेना प्रमुख ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एनसीसी कैडेट्स की भूमिका की सराहना की।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इस सैन्य कार्रवाई के समय नागरिक सुरक्षा, आपात अभ्यास और रक्तदान शिविरों में कैडेट्स का योगदान समाज के लिए प्रेरणादायक रहा। एयर चीफ मार्शल सिंह ने कैडेट्स से कहा कि चाहे वे भविष्य में सशस्त्र बलों में शामिल हों या किसी अन्य क्षेत्र को चुनें, उन्हें हमेशा देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहिए।
उन्होंने असफलताओं से निराश न होने की सलाह देते हुए अपने जीवन का उदाहरण साझा किया और कहा कि उन्होंने भी कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन अंततः वायुसेना प्रमुख बनने का अवसर मिला, जो उनके मुताबिक नियति में लिखा था। वायुसेना प्रमुख ने कहा, 'चाहे आप वर्दी में सैनिक हों या आम नागरिक, देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देना और राष्ट्र निर्माण में योगदान करना हर किसी का कर्तव्य है।'
वायुसेना प्रमुख ने आगे कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने लोगों में यह जागरूकता बढ़ाई कि जीवन का उद्देश्य केवल स्वयं के लिए नहीं, बल्कि देश के लिए कुछ करना भी है। गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर 7 मई 2025 की सुबह भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर चलाया गया था। यह कार्रवाई अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी।
अधिकारियों के अनुसार इस दौरान बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट्स ने नागरिक सुरक्षा गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। इस वर्ष के एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर में देशभर से 2406 कैडेट्स, जिनमें 898 बालिकाएं शामिल हैं, भाग ले रहे हैं। इस लगभग एक महीने लंबे शिविर का उद्घाटन सोमवार को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने किया था। शिविर का समापन 28 जनवरी को होगा।