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'ड्रोन-लंबी दूरी के हथियार बदल रहे लड़ाई का स्वरूप': नए वायुसेना प्रमुख ने कहा- युद्ध जीतने के लिए तैयार रहें

Sun, 01 Nov 2026 10:30 AM IST
नितिन गौतम एएनआई, दिल्ली

सार

एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने नए वायुसेना प्रमुख का पदभार संभाल लिया है। पद संभालने के बाद अपने पहले संबोधन में उन्होंने वायुसेना को हरसंभव चुनौती से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा और भविष्य की योजनाओं का खाका भी खींचा। 
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वायुसेना प्रमुख - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने कल नए वायुसेना प्रमुख का पद संभाल लिया। आज परेड ग्राउंड में सलामी लेने के बाद वायुसेना प्रमुख आशुतोष दीक्षित ने कहा, भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में कमान संभालना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात है। हमारी सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां अभी भी गंभीर बनी हुई हैं। ड्रोन और लंबी दूरी तक सटीक हमला करने वाले हथियारों जैसी नई तकनीकों और प्रणालियों से युद्ध का स्वरूप बदल रहा है। नए एयर चीफ ने कहा, भारतीय वायुसेना को अगले दशक में देश की जरूरतों के मुताबिक खुद को तैयार करने के साथ युद्ध लड़ने और जीतने के लिए भी हमेशा तैयार रहना होगा।
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राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का जताया आभार
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने कहा, 'भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में कमान संभालना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात है। मुझ पर भरोसा जताने के लिए मैं राष्ट्रपति और हमारी सर्वोच्च कमांडर, प्रधानमंत्री तथा रक्षा मंत्री का आभार व्यक्त करता हूं। आज सुबह मैंने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। उनका साहस हमारे लिए वह मानक है, जिस पर हम खुद को परखेंगे।'

उन्होंने कहा, 'मैं एयर चीफ मार्शल एपी सिंह से वायुसेना की कमान संभाल रहा हूं। उनके नेतृत्व में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वायुसेना ने दिखाया कि सटीक और निर्णायक हवाई ताकत क्या कुछ कर सकती है। मैं उन्हें इस बात के लिए धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मुझे पूरी तरह तैयार और मजबूत स्थिति में वायुसेना की जिम्मेदारी सौंपी है।'
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'हमारी सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां अभी भी गंभीर बनी हुई हैं। इसके अलावा, ड्रोन, लंबी दूरी तक सटीक हमला करने वाले हथियारों, अंतरिक्ष, साइबर तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम जैसी नई तकनीकों और प्रणालियों से युद्ध का स्वरूप बदल रहा है। भारतीय वायुसेना को अगले दशक में देश की जरूरतों के मुताबिक खुद को एक आधुनिक और सक्षम ताकत के रूप में तैयार करने के साथ हमेशा युद्ध लड़ने और जीतने के लिए भी तैयार रहना होगा।'

इससे पहले वायुसेना प्रमुख आशुतोष दीक्षित इलेक्ट्रिक वाहन से परेड ग्राउंड पहुंचे और परेड की सलामी ली। वायुसेना प्रमुख नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक भी गए। 

वायुसेना प्रमुख ने बताया 'वायु' का मतलब
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने कहा, 'हमारी प्राथमिकताओं को एक शब्द में समेटा जा सकता है- 'वायु' (VAYU)।

V का मतलब विजिलेंस, विक्ट्री और रेडीनेस (सतर्कता, जीत और तत्परता) है। हर स्क्वाड्रन, हर रडार, हर एयर डिफेंस यूनिट और वायुसेना के प्रत्येक जवान को किसी भी समय जवाब देने के लिए तैयार रहना होगा। अपनी लड़ाकू क्षमता को फिर से मजबूत करना भी मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक होगा।

A का मतलब आत्मनिर्भरता है। तेजस एमके-1ए और एमके-2, एएमसीए, भारतीय सेंसर और स्वदेशी हथियार हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकताएं हैं। हम भारतीय तकनीक और समाधानों के दम पर लड़ेंगे और अपनी जरूरतों के मुताबिक इनकी पर्याप्त संख्या सुनिश्चित करेंगे, ताकि रखरखाव और सैन्य अभियानों से जुड़ी जरूरतें पूरी हो सकें। हमारी जिम्मेदारी युद्ध लड़ना और जीतना है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है कि हमारी भरोसेमंद हवाई ताकत संघर्ष को रोकने में सक्षम हो।

Y का मतलब युक्ति  है। यानी हमारी सोच, नए विचार और रणनीति और तकनीक में नवाचार। नेटवर्क से जुड़ी और एआई आधारित कमान एवं नियंत्रण प्रणाली, ड्रोन के खिलाफ कई स्तरों वाली रक्षा व्यवस्था, रखरखाव की सुविधा, सैन्य ठिकानों की सुरक्षा, किसी भी चुनौती से निपटने की क्षमता और अंतरिक्ष के निकटवर्ती क्षेत्र का वायुसेना के अभियानों में इस्तेमाल ऐसे क्षेत्र हैं, जिनकी लगातार समीक्षा की जाएगी और उनमें सुधार किया जाएगा।

U का मतलब सामूहिक प्रयास और एकजुटता (यूनिटी ऑफ एफर्ट) है। 'जय' (JAI) के विजन यानी संयुक्त सैन्य तालमेल, आत्मनिर्भरता और नवाचार के अनुरूप हम अपनी थलसेना, नौसेना और राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर योजना बनाएंगे और एकजुट होकर काम करेंगे। हवाई ताकत का सबसे बेहतर इस्तेमाल तभी हो सकता है, जब उसे शुरुआत से ही सभी सैन्य योजनाओं में शामिल किया जाए।
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