आरएसएस पर हमला करते हुए ओवैसी ने कहा, शाखाओं से अलग मदसरे स्वाभिमान और सहानुभूति सिखाते हैं, लेकिन ये बात अनपढ़ संघी नहीं समझेंगे। उन्होंने सवाल किया कि हिंदू समाज सुधारक राजा राम मोहन राय मदरसे में क्यों पढ़ते थे?
वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद में शिवलिंग का मामला सामने आने के बाद एक बार फिर से मुगलकाल और इतिहास को लेकर बहस छिड़ गई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने हाल ही में एक कार्यक्रम में मुसलमानों और मदसरे पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कहा था कि मदरसा शब्द ही विलुप्त हो जाना चाहिए। इस पर AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने नाराजगी जताई है।
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ओवैसी ने अपने ट्विटर हैंडल पर बिस्वा के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है, असम में 18 लोग मारे गए हैं और 7 लाख बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, लेकिन मुख्यमंत्री अभद्र टिप्पणियों में व्यस्त हैं। उन्होंने आगे कहा, जब संघी ब्रिटिश एजेंट के रूप में काम कर रहे थे, तब मदरसे स्वतंत्रता आंदोलन में सबसे आगे थे। इस्लाम के अलावा कई मदरसे विज्ञान, गणित और सामाजिक अध्ययन पढ़ाते हैं। आरएसएस पर हमला करते हुए ओवैसी ने कहा, शाखाओं से अलग मदरसे स्वाभिमान और सहानुभूति सिखाते हैं, लेकिन ये बात अनपढ़ संघी नहीं समझेंगे। उन्होंने सवाल किया कि हिंदू समाज सुधारक राजा राम मोहन राय मदरसे में क्यों पढ़ते थे? मुस्लिम वंश पर ध्यान देना आपकी हीन भावना को दर्शाता है। मुसलमानों ने भारत को समृद्ध बनाया है और आगे भी वे ऐसा करते रहेंगे।
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क्या कहा था बिस्वा ने?
असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था, जब तक ये मदरसा दिमाग में घूमता रहेगा तब तक बच्चा कभी डॉक्टर-इंजीनियर नहीं बनेगा। उन्होंने कहा स्कूलों में समान शिक्षा होनी चाहिए, धर्म की शिक्षा आप घर पर दीजिए। उन्होंने कहा मदरसा शब्द ही विलुप्त हो जाना चाहिए। इसके आगे उन्होंने कहा कि सारा मुसलमान भाई पहले हिंदू ही था।
मुगलों का मुसलमानों से कोई रिश्ता नहीं
इसके अलावा ओवैसी ने अपने एक फेसबुक अकाउंट पर इतिहास और मुगलकाल को लेकर पोस्ट किया है। उन्होंने कहा है, भारत के मुसलमानों का मुगलों से कोई रिश्ता ही नहीं है। ये बताओ कि मुगल बादशाहों की बीवियां कौन थीं?