ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। इस बार उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के बयान, 'अल्पसंख्यक लड़कियों की शिक्षा की खातिर मोदी सरकार युद्धस्तर पर काम कर रही' को लेकर निशाना साधा है। ओवैसी ने सवाल किया कि सरकार बताये 4 सालों में रेलवे और अर्धसैनिक बल में कितने अल्पसंख्यक भर्ती किए गए?
एआईएमआईएम अध्यक्ष ने कहा, "अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नकवी ने मुसलमान प्रतिनिधियों के प्रतिशत के बारे में झूठ कहा था, इसलिए मैंने सरकार के इन झूठ का पर्दाफाश किया। पीएम ने कहा था कि वह एक हाथ में कुरान और दूसरे में कंप्यूटर देना चाहते हैं लेकिन इन 4 सालों में उन्होंने क्या किया है?"
ओवैसी ने कहा कि सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि हालिया विवाद मुसलमानों को लेकर आया है, मुस्लिम इस पार्टी या उस पार्टी का हिस्सा नहीं हैं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रधानमंत्री मोदी के बयान मुस्लमानों को क्या संदेश दे रहे हैं, अगर ऐसा ही होता रहा तो मुस्लिम शब्द का इस्तेमाल करना ध्रुवीकरण की वजह बन जाएगी।
उन्होंने कहा कि टीडीपी (तेलुगू देशम पार्टी) प्रतिनिधिमंडल ने अभी तक मुझसे मुलाकात नहीं की है। लेकिन अगर वे सरकार के खिलाफ 18 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में अविश्वास प्रस्ताव रखने जा रहे हैं तो मैं निश्चित रूप से खड़ा रहूंगा और इसका समर्थन करूंगा।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी कल अल्पसंख्यक मामलों के विभागों के मुख्य सचिवों/सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन में शिरकत करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि देश के 308 जिलों में अल्पसंख्यक लड़कियों की शिक्षा की खातिर मोदी सरकार काम कर रही है। प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम' के तहत लड़कियों के शैक्षिक सशक्तिकरण एवं रोजगारपरक कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए स्कूल, कॉलेज, पॉलिटेक्निक, गर्ल्स हॉस्टल, आईटीआई, कौशल विकास केंद्र आदि का उन वंचित इलाकों में निर्माण कराया जा रहा है जहां आजादी के बाद से यह सुविधाएं नहीं पहुंच पाईं।उन्होंने कहा था कि सरकार की इन योजनाओं से कमजोर, पिछड़े, अल्पसंख्यक वर्गों विशेषकर महिलाओं के जीवन स्तर में बड़े पैमाने पर सुधार लाने में सहायता मिली है।
बता दें कि इससे पहले ओवैसी ने कहा था कि मुसलमानों को मुसलमानों को ‘वापस लड़ना चाहिए’ तथा राजनीति में शामिल होना चाहिए और खुद अपना भाग्य विधाता बनना चाहिए। उन्होंने ट्वीट कर लिखा था, ‘मुसलमानों को सचाई स्वीकार करनी चाहिए, जहर के इस घूंट को पीना चाहिए, खड़े होना चाहिए, वापस लड़ना चाहिए, राजनीति में शामिल होना चाहिए।’