दाऊद को मारने के लिए बदला नाम
दाऊद को मारने के लिए अशरफ ने नाम बदला और सपना दीदी बन गई। उसने दाऊद के प्रतिद्वंदी गैंगस्टर हुसैन उस्तारा से संपर्क किया। वह चाहती थी कि उस्तारा उसे गोली चलाना सिखाए। कुछ ही महीनों में उसने उस्तारा के साथ दोस्ती कर ली। इसके बाद दोनों ने मिलकर दाऊद की डी-कंपनी की ओर नेपाल से भारत मंगाए जा रहे हथियारों को रोका। दोनों का मिशन दाऊद के कारोबार नुकसान पहुंचाना था।
इन सबके बीच अशरफ उर्फ सपना दीदी का जीवन बदलने लगा। वह बुर्का छोड़कर जींस और शर्ट पहनने लगी। उसने बाइक और बंदूक चलाना सीख लिया। हुसैन जैदी की किताब माफिया क्वींस ऑफ मुंबई में लिखा गया है कि दाऊद के गुर्गों के बीच सपना का नाम धीरे-धीरे बढ़ने लगा। वह अंडरवर्ल्ड से अच्छी तरफ वाकिफ हो चुकी थी। उसने दाऊद के कई जुए के अड्डे और डांस बार बंद करा दिए थे। जैसे-जैसे सपना दीदी का नाम और रुतबा अंडरवर्ल्ड में बढ़ने लगा तो दाऊद के विरोधियों की उससे जुड़ने लगे। इस बीच उसके उस्तारा से रिश्ते खराब हो गए।
भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान बनाई दाऊद की योजना
शारजाह में भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान उसने दाऊद को मारने की योजना बनाई। सपना दीदी का मानना था कि दाऊद वैसे तो वीआईपी और सुरक्षा घेरे में रहता है, लेकिन मैच के दौरान वह सार्वजनिक रूप से सामने आएगा। उसने हजारों लोगों के बीच स्टेडियम में ही दाऊद को मारने का प्लान बनाया। उसने अपने गुर्गों को स्टेडियम भेजा। गुर्गों को छाते और टूटी बोतलों के साथ वीआईपी बाउंड्री के पास तैनात करने की योजना बनाई। उसका प्लान था कि मैच के दौरान किसी समय कुछ लोग इन हथियारों के साथ दाऊद के गुर्गों पर हमला करेंगे और जबकि कुछ दाऊद से भिड़ेंगे।