आल इंडिया किसान संघर्ष कोऑर्डिनेशन कमेटी (एआईकेएससीसी) ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर देशव्यापी संघर्ष का ऐलान कर दिया है। शनिवार को कमेटी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि एमएसपी के मुद्दे पर चार माह में चार सौ बैठक होंगी। 20 जुलाई को देशभर के किसान दिल्ली में मंडी हाउस से लेकर संसद मार्ग तक काली पट्टी बांधकर रोष मार्च निकालेंगे।
गांधी पीस फाउंडेशन में आयोजित बैठक में कमेटी के संयोजक वीएम सिंह ने कहा, केंद्र सरकार एमएसपी के मुद्दे पर झूठ बोल कर लोगों को गुमराह कर रही है। जहां एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एमएसपी में की गई ऐतिहासिक वृद्धि को लेकर चालीस जगहों पर बैठकें आयोजित करने की घोषणा की हैं, वहीं किसान संगठन उनके झूठ का पर्दाफाश करने के लिए चार सौ जगहों पर बैठकें आयोजित करेंगे। किसानों के आंदोलन को तैयार करने के लिए बैठक में कमेटी की राज्य इकाइयों का गठन कर दिया गया।
संसद में बीस जुलाई को आने वाले प्राईवेट मेम्बर बिल पर रणनीति...
किसान संगठनों ने इक्कीस पार्टियों के लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों की मदद से बीस जुलाई को संसद में प्राईवेट बिल लाने की योजना बनाई है। दोनों बिल, कर्ज मुक्ति और एमएसपी की गारंटी, को लेकर एआईकेएससीसी के सदस्यों ने 21 दलों के सभी सदस्यों से मुलाकात कर उनसे समर्थन की अपील की है।
आगे कब कौन सा मार्च या आंदोलन.....
-नौ अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर किसान मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इसके जरिए भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों का विरोध होगा।
-आठ से दस अक्तूबर तक एमएसपी अधिकार आंदोलन चलाया जाएगा
-तीस नवम्बर और एक दिसम्बर को किसान मुक्ति कूच आयोजित होगा