अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टर आने वाले समय में कोरोनावायरस की दवाइयों और वैक्सीन को लेकर शोध करेंगे। एम्स के डॉक्टर को डब्ल्यूएचओ (विश्व स्वास्थ्य संगठन) ने जो निर्देश जारी किए हैं वे उन पर काम कर रहे हैं।
एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बताया कि कोरोनावायरस के अभी तक जो शोध सामने आए हैं, उनसे यह पता चला है कि यह वायरस एक-दूसरे से संपर्क के बाद शरीर में पहुंच जाता है। हमारे डॉक्टर विदेशों से आए सैंपल की जांच कर रहे हैं। चीन के वुहान में जो भारतीय थे, उनके सैंपल की भी हमने जांच की है। जांच के बाद रिपोर्ट भी भेजी गई है। वहीं, ईरान में भी कई भारतीय हैं, जिनके सैंपल की जांच के लिए भारत सरकार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि शनिवार को कई सैंपल जांच के लिए भारत आ चुके हैं। एम्स की लैब में ईरान से आए सैंपल की जांच की जा रही है। इसके बाद जल्द से जल्द हम इसकी रिपोर्ट पेश करेंगे। निदेशक ने बताया कि जिस तरह से यह कोरोनावायरस दुनिया के कई देशों में फैल रहा है, उसके बाद हमारे डॉक्टर भी इसमें शोध का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने बताया कि हमारे डॉक्टर डब्ल्यूएचओ ने जो भी निर्देश जारी किए हैं उस पर काम कर रहे हैं।