योग कई बीमारियों के रोकथाम से लेकर उसके नियंत्रण में कारगर है। इस पर देश-विदेश में कई अध्ययन भी हो चुके हैं, लेकिन अब एम्स द्वारा इस दिशा में विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन करने का निर्णय लिया गया है। किस बीमारी में किस तरह का योग कारगर है इसके लिए एम्स की ओर से बंगलूरू के स्वामी विवेकानंद योग अनुसंधान संस्थान (एस-व्यासा) के साथ मिलकर एक प्रोटोकॉल तैयार करने का निर्णय लिया गया है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बताया कि देश में अब गैर संचारी रोगियों की संख्या बढ़ रही है और ऐसे रोगों को नियंत्रित करने में योग काफी कारगर हो सकता है।
दवा के साथ-साथ योग किया जाए तो बीमारी पर जल्दी नियंत्रण पाया जा सकता है। मधुमेह, ब्लड प्रेशर, दमा, हृदय संबंधी व मस्तिष्क संबंधित बीमारियों के अलावा दूसरे गैर संचारी रोगों में किस तरह का योग कारगर है इसके लिए प्रोटोकॉल तैयार किया जाएगा।
माइग्रेन के इलाज में योग कितना कारगर
माइग्रेन (तेज सिर दर्द) से पीड़ित लोगों के इलाज में योग कारगर हो सकता है। एम्स के न्यूरोलॉजी विभाग के प्रो. डॉ. रोहित भाटिया ने बताया कि माइग्रेन मरीजों पर योग के असर का एम्स में शोध किया जा रहा है। 160 मरीजों के दो समूह बनाए गए हैं।
इलाज के लिए दोनों समूह में शामिल मरीजों को दवा दी जा रही है, लेकिन एक समूह को एम्स में नियमित योग कराया जा रहा है। दूसरे समूह के मरीजों को दूसरी शारीरिक क्रिया के साथ दवा दी जा रही है। अगले छह से आठ माह में दोनों समूहों में शामिल मरीजों का तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा।