एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पडी के पलानीस्वामी
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तमिलनाडु में बुधवार को फ्लोर टेस्ट होना है। इससे पहले राज्य की राजनीति में काफी हलचल देखने को मिल रही है। विपक्षी दल अन्नाद्रमुक में विभाजन के स्पष्ट संकेत दिखे जहां पार्टी प्रमुख एडप्पाडी के पलानीस्वामी के खिलाफ विधायकों के एक बड़े समूह ने बगावत कर दी। बागी गुट में अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता एसपी वेलुमणि और सीवी षणमुगम के नेतृत्व में लगभग 30 विधायकों के शामिल होने की संभावना है।
इसी बीच अन्नाद्रमुक के दूसरे धड़े ने 13 मई को होने वाले अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ मतदान करने का फैसला किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता एग्री एस एस कृष्णमूर्ति ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने चेतावनी दी कि संभावित क्रॉस-वोटिंग पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कृष्णमूर्ति ने ओ एस मनियन और एडापड्डी के पलानीस्वामी के पक्ष वाले अन्य विधायकों के साथ एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया।
'अन्नाद्रमुक पलानीस्वामी के नेतृत्व में एकजुट'
कृष्णमूर्ति ने बताया कि यह निर्णय पार्टी के महासचिव द्वारा लिया गया है। उन्होंने कहा, "महासचिव ने फैसला किया है कि अन्नाद्रमुक कल अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ मतदान करेगी। सभी पार्टी विधायकों को इस निर्देश का पालन करने के लिए औपचारिक रूप से कहा गया है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो दलबदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस बीच मनियन ने पार्टी के भीतर विभाजन के दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि अन्नाद्रमुक पलानीस्वामी के नेतृत्व में एकजुट है। मनियन ने बताया कि 47 विधायकों ने पहले ही अध्यक्ष को एक हस्ताक्षरित दस्तावेज सौंप दिया है। इस दस्तावेज में पलानीस्वामी को विधायी दल का नेता बताया गया है।मनियन ने आगे स्पष्ट किया कि केवल महासचिव के पास ही पार्टी के भीतर ऐसे रणनीतिक निर्णय लेने का संवैधानिक अधिकार है।
बता दें कि बागी विधायकों का आरोप है कि पलानीस्वामी पर्दे के पीछे प्रतिद्वंद्वी पार्टी द्रमुक के साथ गठबंधन की कोशिश कर रहे थे। अन्नाद्रमुक के बागी गुट ने तमिलगा वेत्री कषगम सरकार को अपना खुला समर्थन देने की घोषणा ऐसे समय पर की है जब एक दिन बाद ही मुख्यमंत्री विजय को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना है। षणमुगम ने पत्रकारों से कहा कि वे मुख्यमंत्री से मिलकर उनकी सरकार को समर्थन देने के लिए पत्र सौंपेंगे। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि अन्नाद्रमुक महासचिव पलानीस्वामी द्रमुक के समर्थन से सरकार बनाना चाहते थे। अन्नाद्रमुक नेतृत्व ने इन आरोपों को अफवाह बताकर खारिज कर दिया है।
दिनाकरन ने टीवीके को समर्थन पर पार्टी विधायक को निकाला
एएमएमके संस्थापक टीटीवी दिनाकरन ने मंगलवार को अपनी पार्टी के एकमात्र विधायक को टीवीके का एकपक्षीय समर्थन करने के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। एएमएमके विधायक एस कामराज ने विधानसभा में विजय नीत सरकार को समर्थन की घोषणा की थी, जिसके बाद दिनाकरन ने यह कार्रवाई की। दिनाकरन ने एक बयान में कहा कि इस तरह का कृत्य एकपक्षीय और पार्टी अनुशासन के खिलाफ है।