तमिलनाडु में नई सरकार का गठन हो चुका है। नए मंत्रियों ने शपथ भी ले ली है। इसी बीच चुनाव सुधार के लिए काम करने वाली संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने एक रिपोर्ट जारी की। नई रिपोर्ट के आंकड़े स्पष्ट रूप से बताते हैं कि राजनीति में आज भी धनबल और बाहुबल का बहुत बड़ा बोलबाला है।
तमिलनाडु कैबिनेट के आधे मंत्रियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं और वे करोड़ों-अरबों रुपये के मालिक हैं। यह खबर साफ दिखाती है कि जनता की भलाई और सेवा का दावा करने वाले बड़े नेताओं का खुद का इतिहास कैसा है। एक तरफ सरकार सुशासन और कानून व्यवस्था को सुधारने की बात करती है, तो दूसरी तरफ दागी चेहरों को अहम पदों पर बिठाया गया है।
50 फीसदी मंत्रियों पर आपराधिक मामले दर्ज
एडीआर और तमिलनाडु इलेक्शन वॉच ने 12 मई 2026 को शपथ लेने वाले मुख्यमंत्री सहित 10 मंत्रियों के चुनावी शपथपत्रों का गहराई से विश्लेषण किया। इसमें यह बात निकलकर सामने आई है कि हर 10 में से 5 यानी 50 प्रतिशत मंत्रियों पर पुलिस और अदालतों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। इससे भी ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि इनमें से 3 मंत्रियों (30 प्रतिशत) पर तो हत्या के प्रयास और दंगे जैसे गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं। इसके साथ ही, यह नई कैबिनेट बहुत ज्यादा अमीर भी है। इन 10 मंत्रियों की कुल औसतन संपत्ति 126.50 करोड़ रुपये आंकी गई है। 10 में से 2 मंत्री ऐसे हैं जिनकी संपत्ति 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है और वे सीधे तौर पर अरबपतियों की सूची में आते हैं।
| रैंक |
मंत्री का नाम |
निर्वाचन क्षेत्र |
कुल आपराधिक मामले |
गंभीर आपराधिक मामले |
| 1 |
के. ए. सेनगोट्टैयन |
गोबिचेट्टीपलायम |
3 |
0 |
| 2 |
एन. आनंद |
त्यागरायनगर |
3 |
2 |
| 3 |
आर. निर्मलकुमार |
तिरुपरनकुंद्रम |
2 |
3 |
| 4 |
सी. जोसेफ विजय (मुख्यमंत्री) |
पेरम्बूर |
2 |
0 |
| 5 |
आधव अर्जुन |
विल्लिवाक्कम |
1 |
2 |
सबसे ज्यादा संपत्ति और कर्ज किस मंत्री के पास?
संपत्ति और अमीरी के मामले में इस सरकार के मंत्री बहुत आगे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे अमीर मंत्री खुद राज्य के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय हैं। उन्होंने चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में अपनी कुल संपत्ति 648.85 करोड़ रुपये से भी ज्यादा बताई है। उनके बाद विल्लिवाक्कम सीट से जीतकर आए मंत्री आधव अर्जुन का नंबर आता है, जिनकी संपत्ति 534 करोड़ रुपये से ज्यादा है। कर्ज की बात करें तो 10 में से 9 मंत्रियों (90 प्रतिशत) ने अपने ऊपर देनदारी होने की घोषणा की है। इसमें भी सबसे ज्यादा 26.26 करोड़ रुपये का भारी कर्ज आधव अर्जुन पर ही है। वहीं मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर भी 7.63 करोड़ रुपये की देनदारी है। सबसे कम संपत्ति शिवकाशी से जीतकर आईं महिला मंत्री एस. कीर्तना के पास है, जिनकी कुल संपत्ति केवल 22.57 लाख रुपये है।
| रैंक |
मंत्री का नाम |
निर्वाचन क्षेत्र |
कुल संपत्ति (लगभग) |
घोषित सटीक संपत्ति (रुपये में) |
| 1 |
सी. जोसेफ विजय (मुख्यमंत्री) |
पेरम्बूर |
648 करोड़+ |
₹ 6,48,85,90,407 |
| 2 |
आधव अर्जुन |
विल्लिवाक्कम |
534 करोड़+ |
₹ 5,34,90,36,735 |
| 3 |
आर. निर्मलकुमार |
तिरुपरनकुंद्रम |
26 करोड़+ |
₹ 26,26,22,612 |
| 4 |
के. ए. सेनगोट्टैयन |
गोबिचेट्टीपलायम |
15 करोड़+ |
₹ 15,72,04,186 |
| 5 |
के.जी. अरुणराज |
तिरुचेंगोडु |
12 करोड़+ |
₹ 12,77,14,655 |
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किन मंत्रियों पर दर्ज हैं सबसे ज्यादा गंभीर आपराधिक केस?
आपराधिक मामलों का आंकड़ा और भी ज्यादा डराने वाला है। निर्वाचन क्षेत्र गोबिचेट्टीपलायम के मंत्री के. ए. सेनगोट्टैयन पर 3 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा त्यागरायनगर के मंत्री एन. आनंद पर भी 3 आपराधिक मामले हैं, जिनमें हत्या का प्रयास और सरकारी कर्मचारी पर हमला करने जैसे बेहद गंभीर आरोप शामिल हैं। तिरुपरनकुंद्रम के मंत्री आर. निर्मलकुमार पर भी हत्या के प्रयास और दो वर्गों के बीच दुश्मनी पैदा करने के 2 गंभीर मामले दर्ज हैं। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर भी गैरकानूनी रूप से भीड़ का हिस्सा बनने और लोक सेवक का आदेश न मानने के 2 मामले चल रहे हैं। आधव अर्जुन पर भी 1 गंभीर मामला दर्ज है। यह स्पष्ट दिखाता है कि सत्ता के ऊंचे पदों पर बैठे इन नेताओं का कानून की नजर में क्या रिकॉर्ड है।
नई सरकार के मंत्रियों की शिक्षा और महिला भागीदारी कितनी?
जब हम इन बड़े नेताओं की शिक्षा और योग्यता की बात करते हैं, तो वहां भी आंकड़े चौंकाते हैं। एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, 10 में से 3 मंत्रियों (30 प्रतिशत) की शैक्षिक योग्यता केवल 8वीं कक्षा से 12वीं कक्षा के बीच है। राज्य के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय केवल 12वीं पास हैं, मंत्री के. ए. सेनगोट्टैयन 10वीं पास हैं और एन. आनंद मात्र 8वीं पास हैं।
वहीं, बाकी सात मंत्रियों (70 प्रतिशत) ने अपनी शिक्षा स्नातक (ग्रेजुएशन) या उससे ज्यादा बताई है। इसके अलावा, महिलाओं को आगे बढ़ाने के बड़े-बड़े दावों के बीच इस नई सरकार में महिलाओं की भागीदारी बहुत ही कम रखी गई है। इन 10 मंत्रियों की पूरी लिस्ट में एस. कीर्तना के रूप में केवल एक ही महिला मंत्री को जगह मिल पाई है।
विधायकों और पिछली सरकारों का चुनावी रिकॉर्ड कैसा रहा?
ऐसा नहीं है कि यह खराब स्थिति केवल नए मंत्रियों की है, बल्कि पूरे सदन का हाल लगभग एक जैसा ही है। एडीआर की इसी साल आई एक पिछली रिपोर्ट में बताया गया था कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव जीतने वाले 233 उम्मीदवारों में से आधे से ज्यादा यानी 126 (54 प्रतिशत) विधायकों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी है।
इनमें से 56 विधायक (24 प्रतिशत) ऐसे हैं जिन पर गंभीर आपराधिक आरोप लगे हुए हैं। अगर हम साल 2021 के विधानसभा चुनाव के आंकड़ों पर नजर डालें, तो उस समय 224 विधायकों में से 134 (60 प्रतिशत) विधायकों पर आपराधिक मामले चल रहे थे। उस वक्त भी 193 विधायक (83 प्रतिशत) ऐसे थे जो करोड़पति थे। यह साबित करता है कि राजनीति में पैसा और अपराध का पुराना गठजोड़ लगातार बना हुआ है।
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