आईएडीएमके से निष्कासित पूर्व अंतरिम महासचिव वीके शशिकला ने सोमवार को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले एआईएडीएमके के विभिन्न धड़ों से एक साथ आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता एकजुट एआईएडीएमके देखना चाहते हैं और दोहराया कि पार्टी की चुनावी संभावनाएं इन गुटों के विलय पर निर्भर हैं।
'किसी एक को अपने पाले में स्वीकार करना बहुत मुश्किल काम है'
तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता की पूर्व करीबी शशिकला ने कहा कि एआईएडीएमके में हर कोई चाहता है कि 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले सभी धड़े एकजुट हो जाएं। मैं भी यही चाहती हूं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह एकजुटता चुनाव से पहले होना चाहिए, चुनाव के बाद नहीं। एक साथ आने की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर शशिकला ने कहा, इसे अस्वीकार करना बहुत आसान है। लेकिन किसी एक को अपने पाले में स्वीकार करना बहुत मुश्किल काम है। इसमें समय लगता है।
उन्होंने कहा कि अन्नाद्रमुक का लक्ष्य द्रमुक शासन को समाप्त करके "अम्मा" (जयललिता) का शासन फिर से स्थापित करना है। उन्होंने आगे कहा, मेरा काम विलय और पार्टी को जीत की ओर उन्मुख करना होगा। शशिकला ने जोर देकर कहा, जो हो चुका उसे अतीत मान लें। अब जो होगा, वह अच्छे नोट पर हो।
इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता केए सेंगोट्टैयन ने कहा, आइए भूलें और माफ करें। सेंगोट्टैयन ने इरोड जिले में पत्रकारों से कहा, मैंने 5 सितंबर को अपनी राय रखी थी कि एआईएडीएमके को एकजुट होना चाहिए ताकि वह और मजबूत बन सके।
दिनाकरन ने पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार मानने से किया इनकार
वहीं अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने 2026 के चुनाव में पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार मानने की संभावना को खारिज कर दिया। वे एआईएडीएमके से निष्कासित किया गए थे। हाल ही में दिनाकरन ने भाजपा से भी रिश्तों को खत्म कर लिया है। जबकि भाजपा पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर रही है। भाजपा के राज्य अध्यक्ष एन नागेंद्रन ने पूर्व मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम और दिनाकरन से बातचीत कर उन्हें एनडीए गठबंधन में वापस लाने की इच्छा जताई थी।
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