फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

AIADMK-BJP Alliance: AIADMK के साथ गठबंधन तय, तमिलनाडु में 27 सीटों पर चुनाव लड़ेगी भाजपा

Mon, 23 Mar 2026 04:07 PM IST
राकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए गठबंधन ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। इस बार भाजपा 27 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। पलानीस्वामी ने कहा कि यह गठबंधन डीएमके सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए बनाया गया है। 
विज्ञापन
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए में सीट शेयरिंग फॉर्मूला तय - फोटो : @ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

AIADMK-BJP Alliance: तमिलनाडु में राजनीतिक तपिश अब चरम पर पहुंच गई है। भाजपा के साथ कई दौर की बातचीत के बाद मुख्य विपक्षी दल AIADMK ने सीट शेयरिंग के फॉर्मूले पर मुहर लगा दी है। चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय में AIADMK महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य में एनडीए गठबंधन पूरी मजबूती के साथ चुनावी मैदान में उतर रहा है।
विज्ञापन


बीजेपी का बढ़ा कद
इस समझौते की सबसे खास बात भाजपा का बढ़ता कद है। समझौते के तहत, बीजेपी इस बार 27 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। भाजपा अब उत्तर के साथ-साथ दक्षिण के किले को भी भेदने के लिए तैयार है। 

यह भी पढ़ें: पोंडा उपचुनाव: रवि नाइक की विरासत बचाने मैदान में उतरे रितेश, कांग्रेस-AAP भी मैदान में कूदीं
विज्ञापन


गठबंधन का गणित
इस बैठक में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, पीएमके के कद्दावर नेता अंबुमणि रामदास और एएमएमके प्रमुख टीटीबी दिनाकरण मौजूद रहे। दिल्ली से लेकर चेन्नई तक बीजेपी ने इस बार अपनी रणनीति बदली है। इतनी बड़ी संख्या में सीटों का मिलना बताता है कि पार्टी अब तमिलनाडु में सिर्फ एक सहयोगी दल नहीं, बल्कि एक मुख्य खिलाड़ी की भूमिका में है।

वहीं, सीट शेयरिंग फॉर्मूले के तहत उत्तरी तमिलनाडु में मजबूत पकड़ रखने वाली पीएमके को 18 सीटें दी गई हैं। वन्नियार समुदाय के वोट बैंक को साधने के लिए पीएमके का साथ होना गठबंधन के लिए संजीवनी माना जा रहा है। इस बार एएमएमके को 11 सीटें दी गई हैं। तमिलनाडु में विधानसभा की कुल 234 सीटें हैं।  
विज्ञापन


'डीएमके को सत्ता से बाहर करने के लिए बनाया गठबंधन'
पलानीस्वामी ने कहा कि यह गठबंधन डीएमके सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए बनाया गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि AIADMK और AMMK के वोट एक साथ जुड़ जाते हैं, तो डीएमके के लिए राह बेहद मुश्किल हो जाएगी। अब देखना यह है कि यह यह समझौता जमीन पर वोटों में कितना तब्दील हो पाता है।


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें