तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए गठबंधन ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। इस बार भाजपा 27 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। पलानीस्वामी ने कहा कि यह गठबंधन डीएमके सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए बनाया गया है।
AIADMK-BJP Alliance: तमिलनाडु में राजनीतिक तपिश अब चरम पर पहुंच गई है। भाजपा के साथ कई दौर की बातचीत के बाद मुख्य विपक्षी दल AIADMK ने सीट शेयरिंग के फॉर्मूले पर मुहर लगा दी है। चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय में AIADMK महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य में एनडीए गठबंधन पूरी मजबूती के साथ चुनावी मैदान में उतर रहा है।
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बीजेपी का बढ़ा कद
इस समझौते की सबसे खास बात भाजपा का बढ़ता कद है। समझौते के तहत, बीजेपी इस बार 27 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। भाजपा अब उत्तर के साथ-साथ दक्षिण के किले को भी भेदने के लिए तैयार है।
गठबंधन का गणित
इस बैठक में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, पीएमके के कद्दावर नेता अंबुमणि रामदास और एएमएमके प्रमुख टीटीबी दिनाकरण मौजूद रहे। दिल्ली से लेकर चेन्नई तक बीजेपी ने इस बार अपनी रणनीति बदली है। इतनी बड़ी संख्या में सीटों का मिलना बताता है कि पार्टी अब तमिलनाडु में सिर्फ एक सहयोगी दल नहीं, बल्कि एक मुख्य खिलाड़ी की भूमिका में है।
वहीं, सीट शेयरिंग फॉर्मूले के तहत उत्तरी तमिलनाडु में मजबूत पकड़ रखने वाली पीएमके को 18 सीटें दी गई हैं। वन्नियार समुदाय के वोट बैंक को साधने के लिए पीएमके का साथ होना गठबंधन के लिए संजीवनी माना जा रहा है। इस बार एएमएमके को 11 सीटें दी गई हैं। तमिलनाडु में विधानसभा की कुल 234 सीटें हैं।
'डीएमके को सत्ता से बाहर करने के लिए बनाया गठबंधन'
पलानीस्वामी ने कहा कि यह गठबंधन डीएमके सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए बनाया गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि AIADMK और AMMK के वोट एक साथ जुड़ जाते हैं, तो डीएमके के लिए राह बेहद मुश्किल हो जाएगी। अब देखना यह है कि यह यह समझौता जमीन पर वोटों में कितना तब्दील हो पाता है।