दक्षिण भारत में चुनाव के अलग-अलग रंग देखने को मिलते हैं। इस बार भी यही हो रहा है। कभी प्रत्याशी पीपीई किट पहनकर नामांकन भरने पहुंचते हैं तो कभी सोने के जेवरात से लदकर पर्चा भरते हैं। विरोध का प्रदर्शन भी अनूठा ही होता है, इसका ताजा उदाहरण तमिलनाडु राज्य के त्रिची में देखने को मिला। जहां टिकट न मिलने पर एक प्रत्याशी ने एक नहीं बल्कि अपनी कई धोतियां स्वाहा कर दी।
दरअसल, वाडाकाड़ू के पंचायत प्रमुख रह चुके कनागराज को उम्मीद थी कि इस बार अलानगुडी से उन्हें टिकट मिलेगी, लेकिन AIADMK ने उनकी बजाय कांग्रेस से आए एक नेता को प्रत्याशी बना दिया। कनागराज ने इसकी शिकायत पार्टी फोरम में रखी और इंतजार किया, उन्हें विश्वास था कि सुनवाई होगी और टिकट बाहरी नेता धर्मा की बजाय उन्हें दिया जाएगा, लेकिन उनके सब्र का बांध तब टूट गया जब खुद तमिलनाडु के सीएम पलानीस्वामी ने कांग्रेस के बागी उम्मीदवार का प्रचार शुरू कर दिया।