Tamil Nadu: एआईएडीएमके महासचिव पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि द्रमुक सरकार विधानसभा चुनाव से पहले वैध मतदाता सूची बनाने के लिए किए जा रहे एसआईआर में दखल दे रही है। उन्होंने बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि लोग केवल वास्तविक और योग्य मतदाताओं की सूची चाहते हैं।
अन्नाद्रमुक (एआईएडीएमके) के महासचिव ई.के. पलानीस्वामी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि सत्तारूढ द्रमुक सरकार विधानसभा चुनाव से पहले वैध मतदाता सूची सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में दखल दे रही है।
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एसआईआर के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को मिली जीत दिखाती है कि लोग केवल वास्तविक और वैध मतदाता सूची चाहते हैं। पलानीस्वामी ने पत्रकारों से कहा, बिहार चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को ऐतिहासिक जीत मिली, जिसमें 208 से अधिक सीटों पर स्पष्ट बढ़त दिखी। कांग्रेस और यहां तक की द्रमुक ने भी एसआईआर की आलोचना की और दुष्प्रचार का अभियान चलाया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, देखिए वहां (बिहार) क्या हुआ। लोग केवल योग्य मतदाताओं के नाम वाली वैध सूची चाहते थे। एसआईआर का मकसद मृत व्यक्तियों और अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना है।
उन्होंने राज्य सरकार पर एसआईआर के काम में बाधा डालने और दखल देने का आरोप उन्होंने कहा कि चेन्नई में चौथी कक्षा तक पढ़े बूथ स्तर के अधिकारी नियुक्ति (बीएलओ) नियुक्त किया गया है। पलानीस्वामी ने कहा, यह बीएलओ मतदाताओं के फॉर्म भरने में संदेहों को कैसे दूर करेगा। अन्नाद्रमुक ने इस मुद्दे को उठाया, लेकिन अधिकारियों ने बीएलओ नहीं बदला, क्योंकि राज्य सरकार ने एसआईआर के सुचारु संचालन के खिलाफ मौखिक आदेश जारी किया है। अन्नाद्रमुक ने चुनाव आयोग (ईसी) से अनुरोध किया कि योग्य व्यक्तियों को ही बीएलओ के रूप में नियुक्त किया जाए।