अहमदाबाद में जून महीने में हुए एअर इंडिया विमान हादसे को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा बयान दिया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने राज्यसभा में स्पष्ट किया है कि दुर्घटना के सभी संभावित कारणों की जांच की जा रही है और किसी भी एंगल को छोड़ा नहीं गया है। सरकार के अनुसार, शुरुआती जांच रिपोर्ट सिर्फ उस समय उपलब्ध सबूतों पर आधारित थी।
12 जून को अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही एअर इंडिया की विमान संख्या AI171 क्रैश हो गई थी। यह विमान लंदन गैटविक जा रहा था और इसमें कुल 260 लोग सवार थे। इनमें 241 यात्री और 12 क्रू मेंबर शामिल थे। हादसा टेकऑफ के कुछ देर बाद ही हुआ और सिर्फ एक यात्री जीवित बच सका। विमान बोइंग 787-8 मॉडल का था। यह दुर्घटना देश के एविएशन इतिहास की सबसे भयावह घटनाओं में से एक बनी।
शुरुआती रिपोर्ट पर उठे सवाल
इस हादसे की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) कर रहा है। एएआईबी ने 12 जुलाई को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट को लेकर कुछ पक्षों में सवाल उठे कि क्या पर्याप्त जांच हुई है। सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट केवल तथ्यों पर आधारित होती है और अंतिम निष्कर्षों के लिए विस्तृत जांच आवश्यक है। मंत्री ने कहा कि सभी संभावित कारणों की जांच की जा रही है और अभी जांच जारी है।
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डीजीसीए ने तय किए सुरक्षा मानक
केंद्र सरकार ने बताया कि निदेशालय महानिदेशक नागर विमानन (डीजीसीए) ने विमानों के सुरक्षित संचालन के लिए व्यापक सिविल एविएशन रेगुलेशंस (सीएआर) लागू कर रखे हैं। इन नियमों के तहत विमान की देखरेख, मरम्मत, तकनीकी निरीक्षण और क्रू प्रशिक्षण की कड़ी निगरानी की जाती है। हादसे के बाद डीजीसीए ने भी कई प्रक्रियाओं की समीक्षा शुरू की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ रोकी जा सकें।
मुआवजे की प्रक्रिया तेज
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जानकारी दी कि एअर इंडिया ने मृतकों के परिजनों को अंतरिम राहत राशि के रूप में 25 लाख रुपये का भुगतान शुरू किया है। 237 मृतकों के परिजनों को यह राशि दे दी गई है। बाकी 11 मामलों में दस्तावेज़ों के सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। मंत्री ने बताया कि 75 घायलों में से 43 को अंतिम मुआवजा दिया जा चुका है। 24 को अंतरिम राहत दी गई है, जबकि आठ मामलों में दस्तावेजों की जांच जारी है। सभी मामलों में अंतिम मुआवजा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
86 परिजनों को मिला मुआवजा
सरकार ने यह भी बताया कि टाटा ट्रस्ट्स ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को एक करोड़ रुपये की विशेष सहायता दी है। अब तक 86 परिवारों, जिनमें छह क्रू सदस्यों के परिवार भी शामिल हैं, को यह राशि दी जा चुकी है। सरकार का कहना है कि सभी परिजनों को उचित मुआवजा मिले, इसके लिए प्रक्रिया तेज की गई है। जांच पूरी होने के बाद अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।
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