1986 में गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष बने
वर्ष 1986 में अहमद पटेल को गुजरात कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया। 1988 में गांधी-नेहरू परिवार द्वारा संचालित जवाहर भवन ट्रस्ट के सचिव बनाए गए। इस ट्रस्ट का काम सामाजिक कार्यक्रमों के लिए धन मुहैया कराना है। इसके बाद गांधी-नेहरू परिवार में उनकी गिनती विश्वास पात्र लोगों में होने लगी। पटेल राजीव गांधी का जितना विश्वासपात्र माना जाता था, उतना ही सोनिया गांधी का थी।
1984 में संयुक्त सचिव बन दिल्ली में दस्तक
1984 में अहमद पटेल को कांग्रेस का संयुक्त सचिव बनाया गया, इस तरह उन्होंने पहली बार दिल्ली में दस्तक थी। इसके बाद पार्टी में उनका कद बढ़ता गया और उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी का संसदीय सचिव बनाया गया।
अहमद पटेल ने न केवल कांग्रेस और उसके सहयोगियों बल्कि पार्टी और मनमोहन सिंह की सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य किया। कॉर्पोरेट के साथ-साथ राजनीतिक नेताओं तक पहुंचने की उनकी क्षमता ने पूर्व पार्टी प्रमुख राहुल गांधी को उन्हें अगस्त 2018 में पार्टी के कोषाध्यक्ष के रूप में वापस लाने के लिए प्रेरित किया।