कांग्रेस के कद्दावर नेता अहमद पटेल के निधन से उनके परिवार और कांग्रेस पार्टी में शोक की लहर है। अहमद पटेल कांग्रेस में नेहरू गांधी परिवार के सबसे करीबी नेता रहे, लेकिन परिवार वाद के आरोपों से घिरी रहने वाली अपनी पार्टी से परे अपने बेटे व बेटी को उन्होंने अब तक राजनीति की राह नहीं थामने दी। वैसे भविष्य में क्या होता है, यह देखना होगा।
अहमद पटेल के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत तमाम नेताओं ने दुख व्यक्त किया है। राहुल गांधी ने शोक व्यक्त करते हुए लिखा कि वे कांग्रेस पार्टी के स्तंभ थे। अहमद पटेल का जन्म 21 अगस्त 1949 को हुआ था।
अहमद पटेल ने पिता से पढ़े सियासी पाठ
अहमद पटेल का जन्म गुजरात के अंकलेश्वर में मोहम्मद इशकजी पटेल और हवाबेन मोहम्मद भाई के घर हुआ था। उनके पिता भी कांग्रेस में थे और भरुच की तालुका पंचायत के सदस्य थे। अहमद पटेल को अपने राजनीतिक सफर में पिता का बड़ा सहयोग मिला। जबकि अहमद पटेल के दोनों बच्चे राजनीति से दूर रहना चाहते हैं। वे न तो कांग्रेस और न ही दूसरी किसी पार्टी में शामिल होने के इच्छुक रहे।
बेटे फैसल का कारोबार, दामाद वकील
1976 में अहमद पटेल मेमूना से शादी की थी और उनसे उनके दो बच्चे थे। अहमद पटेल को एक बेटा और एक बेटी हैं। बेटे का नाम फैसल और बेटी का नाम मुमताज पटेल है। फैसल पटेल का बिजनेस है, जबकि मुमताज की शादी वकालत करने वाले इरफान सिद्दीकी के साथ हुई।
सियासी चकाचौंध से परिवार को दूर रखा
शर्मीली शख्सियत वाले 71 साल के अहमद पटेल का राजनीतिक करियर बेहद कामयाब रहा, लेकिन राजनीतिक चकाचौंध से उन्होंने अपने परिवार को लगातार दूर ही रखा.
अहमद पटेल को काफी सादगी पसंद नेता बताया जाता था, वे हमेशा अपनी व्यक्तिगत जिंदगी को राजनीति से दूर रखते थे।