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अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर मामले में बड़ा खुलासा, दीपक तलवार के फोन में विजय माल्या की बातचीत

Thu, 07 Feb 2019 08:41 PM IST
Avdhesh Kumar जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली 
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AgustaWestland case
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अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में एक नया खुलासा हुआ है। हाल ही में दुबई से प्रत्यर्पण के जरिए भारत लाए गए बिचौलिये दीपक तलवार के मोबाइल फोन में विजय माल्या की कथित बातचीत सामने आई है। ईडी सूत्रों का दावा है कि माल्या और तलवार के बीच अक्सर बात होती रही है। दीपक तलवार से पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी को कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी हाथ लगी हैं। उसके मोबाइल फोन की कई फाइलें जो खुल नहीं पा रही थी, इसके लिए फोरेंसिंक लैब की मदद ली जा रही है।
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बता दें कि अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में सबसे पहले बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल को भारत लाया गया था। मिशेल से सीबीआई और ईडी दोनों जांच एजेंसियों ने पूछताछ की है। जांच एजेंसियों का कहना था कि मिशेल से हुई पूछताछ में कई अहम तथ्य सामने आए हैं। अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में मिशेल ने ईडी को जो कुछ बताया, उसके बाद इस मामले में दो अन्य आरोपी रहे राजीव सक्सेना और दीपक तलवार को भी दुबई से प्रत्यर्पण के जरिए भारत लाया गया। ये दोनों आरोपी फ़िलहाल ईडी की हिरासत में हैं। 

ईडी के अधिकारियों का कहना है कि दीपक तलवार ने पूछताछ में कई बड़े खुलासे किए हैं। इससे अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले की डील में चले घूस के खेल का पर्दाफाश हो सकता है। तलवार के मोबाइल फोन की डिटेल और उसने खुद जो बताया है, उसके मुताबिक भगोड़े उद्योगपति विजय माल्या के साथ उसकी बातचीत होती रही है। हालांकि पूछताछ में तलवार यह बात स्वीकार नहीं कर रहा था, लेकिन बाद में जब उसके मोबाइल फोन की डिटेल खंगाली गई तो यह खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी ने आरोपी को कॉल डिटेल दिखाई तो उसने स्वीकार किया कि माल्या के साथ उसके अच्छे संबंध रहे हैं। दोनों के बीच अक्सर बातचीत होती रहती थी। 
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जांच में पता चला कि मोबाइल फोन की कुछ डिटेल को नष्ट करने का प्रयास किया गया है। इसके बाद एजेंसी ने डिलीट फाइलों को दोबारा से रीकवर करने के लिए फोरेंसिक लैब की मदद ली है। जांच एजेंसी के विशेष सूत्र बताते हैं कि अगस्ता वेस्टलैंड मामले में अब कई धमाकेदार खुलासे हो सकते हैं। इस डील में माल्या की क्या भूमिका है, एयर रुट निर्धारित करने, घाटे के सौदे वाले रुट आदि मामलों में भी काफी जानकारी जांच एजेंसी को मिल सकती है।
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ईडी की चार्जशीट में हो सकते हैं कई ऐसे नाम, जिनमें भारतीय राजनीति में होगी जबरदस्त हलचल

जांच एजेंसी ने मिशेल, राजीव सक्सेना और दीपक तलवार से मिली जानकारियों का पहले पकड़े गए आरोपियों के बयान से मिलान किया है। इनमें स्विस पुलिस द्वारा 2013 में पकड़े गए एक अन्य बिचौलिये गुडडो हश्के, जो बाद इस केस का गवाह बन गया था, पूर्व एयरचीफ मार्शल एसपी त्यागी, उनके भाई और हश्के की मां के कब्जे से बरामद दस्तावेज शामिल हैं। सरकारी सूचनाओं एवं गोपनीय दस्तावेजों का आदान प्रदान कैसे और किन लोगों के बीच हुआ, ये सूचनाएं काफ़ी हद तक एजेंसी को मिल गई हैं। 

बता दें कि राजीव सक्सेना 3,600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर धन शोधन मामले में वांछित है। लॉबिस्ट दीपक तलवार विदेशी फंडिंग के जरिए प्राप्त 90 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का दुरुपयोग करने के मामले में ईडी तथा सीबीआई की वांछित सूची में हैं। तलवार पर भ्रष्टाचार के आपराधिक मामलों में ईडी और सीबीआई, दोनों ने मामला दर्ज किया था। आयकर विभाग भी कर चोरी के मामले में तलवार की जांच कर रहा है। इन सभी आरोपियों से की गई पूछताछ और इनसे बरामद दस्तावेजों के आधार पर एजेंसी अपनी चार्जशीट में घूस लेने वालों के नाम उजागर करेगी। साथ ही यह खुलासा भी होगा कि घूस की रकम को हवाला के जरिए किस तरह और किन देशों में पहुंचाया गया है।

ये है अगस्ता वेस्टलैंड मामला

मिशेल ने कई दूसरे आरोपियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची। वीवीआईपी हेलिकॉप्टर की उड़ान सीमा को 6,000 मीटर से घटाकर 4,500 मीटर करा दिया गया।अन्य आरोपियों में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी, उनके परिवार के सदस्य और कई दूसरे नौकरशाह शामिल थे। बता दें कि उड़ान सीमा घटने की वजह से ही अगस्ता वेस्टलैंड कम्पनी हेलिकॉप्टर का अनुबंध पाने की दौड़ में आगे आ सकी थी। 

3600 करोड़ रुपए से 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टर खरीद का सौदा किया था, लेकिन अनुबंध शर्तो के उल्लंघन और कॉन्ट्रैक्ट पाने के लिए रिश्वत बांटने के आरोप लगने के बाद भारत सरकार ने 2014 में यह सौदा रद्द कर दिया था। ईडी के मुताबिक, मिशेल को 12 हेलिकॉप्टर के समझौते को अपने पक्ष में कराने के लिए 225 करोड़ दिये गए थे। आरोपियों से पूछताछ कर अब यह पता लगाया जा रहा है कि घूस लेने वालों में राजनेताओं के अलावा रक्षा मंत्रालय के कौन कौन अफ़सर शामिल हैं।
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