प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मनी लॉन्ड्रिग केस में रॉबर्ट वाड्रा से लगातार पूछताछ कर रहा है। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो वाड्रा से पूछताछ कर जांच एजेंसियां यूपीए सरकार के दौरान हुए कई बड़े रक्षा सौदों में घूस खाने वालों तक पहुंचना चाह रही हैं। तीन एजेंसियां, जिनमें ईडी, सीबीआई और आईटी शामिल हैं, ये संयुक्त तौर से अब इस केस की पड़ताल में जुटी हैं। इन तीनों एजेंसियों के पास ऐसे दस्तावेज बताए जा रहे हैं, जिनका सीधा जुड़ाव आर्म्स डीलर संजय भंडारी से है।
यह जांच अब लंदन के ब्रेयनस्टन स्कवॉयर स्थित प्रॉपर्टी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि 4 हजार करोड़ रुपए के 75 स्विस पिलाटस बेसिक ट्रेनिंग एयरक्रॉफट खरीद में दी गई 2896 करोड़ रुपये की कथित घूस, 126 लड़ाकू जहाजों के प्रपोजल की फाइल का गुम होना और फिर उसका सड़क पर मिलना व दूसरे रक्षा सौदों में भंडारी, सुमित चड्ढा और उनके परिचितों का कितना हाथ रहा है, ये सब बातें जांच का विषय बन गई हैं।
बता दें कि ईडी के पास कुछ ऐसी ईमेल हैं, जिनमें वाड्रा और सुमित चड्ढा के बीच लंदन की एक प्रॉपर्टी का ज़िक्र हुआ है। हालांकि इसमें प्रॉपर्टी के मालिकाना हक को लेकर ऐसी कोई बात नहीं लिखी है जिससे यह साबित होता हो कि रॉबर्ट वाड्रा का इस प्रॉपर्टी में कोई लेन-देन है। ईमेल में वाड्रा की ओर से कथित तौर पर 'लुक इन टू इट' लिखा गया है। ईडी के विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि रॉबर्ट वाड्रा, सुमित चड्ढा और संजय भंडारी के बीच कौन सी अप्रत्यक्ष डील हुई हैं।
अब यह पता लगाया जा रहा है कि हथियार डीलर संजय भंडारी की प्रमुख कंपनी ऑफसेट इंडिया सोल्यूशन(ओआईएस) प्राइवेट लिमिटेड एवं दूसरी सहयोगी कंपनियों को कौन से रक्षा सौदे मिले थे। भंडारी को वह सौदे दिलाने में देश के किसी रसूखदार परिवार के किसी सदस्य या रिश्तेदार की कोई भूमिका तो नहीं थी, यह पता लगाया जा रहा है। ईडी के एक अफ़सर का दावा है इस मामले में बहुत जल्द उस व्यक्ति का नाम सार्वजनिक होगा, जिसने भंडारी की कम्पनी को रक्षा सौदे दिलाने में मदद की थी।
ज्यूरिख के यूबीएस बैंक से 'ओआईएस' के खाते में 250000 और 750000 स्विस फ्रेंक ट्रान्स्फ़र हुए थे
सीबीआई ने दो साल पहले भंडारी को रक्षा सौदों में दलाली खाने के आरोपों के चलते कारण बताओ नोटिस जारी किया था। आरोप था कि भंडारी ने लगभग 11 साल पहले बेसिक ट्रेनिंग एयर क्राफ़्ट 75 स्विस पिलाटस पीसी-7 के सौदे में 2896 करोड़ रुपये की घूस ली है। इंडियन एयर फोर्स का यह सौदा इमरजेंसी खरीद के तहत हुआ था।
बाद में पता चला कि ज्यूरिख के यूबीएस बैंक से 'ओआईएस' के खाते में 250000 और 750000 स्विस फ्रेंक ट्रान्स्फ़र हो गए। इससे सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों को शक हुआ कि इस मामले में कई बड़े लोग भी शामिल हो सकते हैं। उस वक़्त भंडारी की कम्पनी की क़ीमत लगभग एक लाख रुपए थी।
भाजपा प्रवक्ता ने लगाया है ये आरोप
बुधवार को भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि रॉबर्ट वाड्रा के पास लंदन में 8-9 प्रॉपर्टी हैं, जो उन्होंने पेट्रोलियम और डिफेंस डील में मिलने वाली दलाली से ख़रीदी हैं। उन्होंने आगे कहा कि भ्रष्टाचार कांग्रेस का एजेंडा है। क्योंकि राहुल गांधी भ्रष्टाचार मामले में जमानत पर हैं तो वहीं वाड्रा पीएमएलए केस में बाहर हैं। अब पूरे देश को पता चल गया है कि एक रोडपति कुछ ही दिनों में करोड़पति कैसे बन गया, जिसकी आज विदेशों में भी प्रॉपर्टी है।