प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अगस्ता वेस्टलैंड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गुरुवार को दिल्ली की एक अदालत से कहा कि अगर एक कथित बिचौलिये राजीव सक्सेना को सरकारी गवाह बनने की अनुमति दी जाती है तो उसे कोई आपत्ति नहीं है। जांच एजेंसी ने विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार को बताया कि यदि सक्सेना को सरकारी गवाह बनाया जाता है तो ईडी के लिए यह उपयोगी रहेगा।
इस मामले में सरकारी गवाह बनना चाह रहे राजीव सक्सेना ने छह मार्च को बंद कमरे में हुई सुनवाई के दौरान अदालत में अपना बयान दर्ज कराया था। इसके बाद अदालत ने उनके बयान की प्रतियां मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश को भेज दी थी।
अदालत ने एम्स द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद उन्हें चिकित्सा आधार पर जमानत दे दी थी। अदालत मामले पर 25 मार्च को विचार करेगी। दुबई स्थित दो कंपनियों - ‘यूएचवाई सक्सेना’ और ‘मैट्रिक्स होल्डिंग्स’- के निदेशक सक्सेना 3,600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला मामले में ईडी की ओर से दायर आरोप-पत्र में नामजद आरोपियों में शामिल हैं।
ईडी ने अपने आरोप-पत्र में इस करार के कथित बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल, अगस्ता वेस्टलैंड और फिनमेकैनिका के पूर्व निदेशकों ग्यूसेप ओर्सी और ब्रूनी स्पैग्नोलिनी, वायुसेना के पूर्व प्रमुख एस पी त्यागी और सक्सेना की पत्नी शिवानी को भी नामजद आरोपी बनाया है।
(इनपुटः भाषा)