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अगस्तावेस्टलैंड: क्रिश्चियन मिशेल की अंतरिम जमानत याचिका खारिज, जेल में कोरोना होने की दी थी दलील

Tue, 07 Apr 2020 12:22 PM IST
Rohit Ojha अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
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क्रिश्चियन मिशेल - फोटो : ANI
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दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉपटर घोटाला मामले के आरोपी बिचैलिए क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी। पीठ ने कहा कि तिहाड़ जेल में कोरोना वारयस संक्रमण फैलने का खतरा होने की दलील निराधार है।

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न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की एकल पीठ ने कहा कि मिशेल तिहाड़ जेल में केवल दो अन्य कैदियों के साथ एक अलग सेल में बंद हैं और उसके साथ रहने वाले दो कैदियों में से कोई भी कोविड-19 महामारी से पीड़ित है, यह सोचना याचिकाकर्ता का मामला नहीं है, चूंकि जेल में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पर्याप्त प्रयास किए जा रहे हैं।

पीठ ने कहा कि मिशेल की यह दलील निराधार है कि उसे जेल में कोरोना संक्रमण की चपेट में आने का खतरा है और यह उसके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसके साथ ही पीठ ने कहा कि मिशेल एक ‘फ्लाइट रिस्क’ था, क्योंकि वह अपनी संभावित गिरफ्तारी के बारे में जानने के बाद इटली से भाग गया था और एक जांच के बाद उसे दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था।
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पीठ ने कहा कि 23 मार्च को सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया था कि वे कैदियों की श्रेणी निर्धारित करने के लिए उच्च-स्तरीय समितियों का गठन करें, जिन्हें चार और छह सप्ताह के लिए पैरोल पर रिहा किया जा सके, लेकिन उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने विशेष रूप से विदेशी नागरिकों के मामलों, एक से अधिक मामलों में शामिल कैदियों और धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत मामलों को इस श्रेणी से बाहर कर दिया था। इसलिए मिशेल का मामला भी इन बहिष्करणों के तहत आता है और इसलिए उसे रिहा नहीं किया जा सकता।

इसके साथ ही पीठ ने कहा कि मिशेल की उम्र और ‘पहले से मौजूद’ बीमारियां उन्हें कोविड-19 के लिए ‘अधिक संवेदनशील’ बनाती हैं, यह सुनिश्चित करने के लिए तिहाड़ जेल द्वारा दी गई मौजूदा उपायों की जानकारी के तहत ऐसा नहीं होता है।

उल्लेखनीय है कि मिशेल 3,600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाले में लिप्त तीन कथित बिचैलियों में से एक है। उसे दुबई में गिरफ्तार किया गया था और दिसंबर 2018 में भारत प्रत्यर्पित किया गया था। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर आरोप पत्र में कहा गया है कि उस पर 30 मिलियन यूरो (लगभग 225 करोड़ रुपये) की राशि प्राप्त करने का आरोप है।

2013 में इस सौदे को लेकर विवाद शुरू हुआ था, जब भारत के साथ समझौते को लेकर बिचैलियों को रिश्वत देने के आरोप में अगस्ता वेस्टलैंड की मूल कंपनी फिनमेकैनिका के अध्यक्ष गिउसेप्पे ओर्सी और अगस्ता वेस्टलैंड के सीईओ ब्रूनो स्पैगनोलिनी को गिरफ्तार किया गया था। कथित तौर पर इस मामले में बिचैलिए गुइडो राल्फ हेशके और कार्लोस गेरोसा, मिशेल के साथी बिचैलिए थे। तीनों कथित बिचैलियों की जांच ईडी और केंद्रीय जांच ब्यूरो कर रहे हैं।

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