दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने करीब 3600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड धनशोधन (मनी लांडरिंग) मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी व्यवसायी राजीव सक्सेना को सोमवार को जमानत दे दी। विशेष जज अरविंद कुमार ने पांच लाख रुपए का जमानती बांड और इतनी ही राशि के दो मुचलके जमा करने पर सक्सेना को राहत दी।
अदालत ने सक्सेना पर कुछ शर्तें लगाई और कहा कि वह साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करेंगे और जब भी बुलाया जाएगा तो वह जांच में हिस्सा लेंगे। जज ने यह भी कहा कि सक्सेना अदालत की अनुमति के बगैर विदेश नहीं जाएंगे।
दुबई स्थित दो कंपनियों- ‘यूएचवाई सक्सेना’ और ‘मैट्रिक्स होल्डिंग्स’- के निदेशक सक्सेना अगस्ता वेस्टलैंड केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दायर आरोप-पत्र में नामजद आरोपियों में शामिल हैं। इसके अलावा आरोपी राजीव सक्सेना को प्रवर्तन निदेशालय की सिफारिश पर चौबीस घंटे तीन जवानों की सुरक्षा मुहैया करवाई गई है।
ईडी ने अपने आरोप-पत्र में इस करार के कथित बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल, अगस्ता वेस्टलैंड और फिनमेकेनिका के पूर्व निदेशकों ग्विसेप्पे ओर्सी और ब्रूनी स्पैग्नोलिनी, वायुसेना के पूर्व प्रमुख एस पी त्यागी और सक्सेना की पत्नी शिवानी को भी नामजद आरोपी बनाया है।
एक जनवरी 2014 को भारत ने फिनमेकेनिका की ब्रिटिश सहयोगी अगस्ता वेस्टलैंड के साथ 12 एडब्ल्यू-101 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की भारतीय वायुसेना को आपूर्ति का अनुबंध रद्द कर दिया था। इस मामले में आरोप लगे थे कि अनुबंध की शर्तों का कथित उल्लंघन हुआ है और कंपनी ने अनुबंध हासिल करने के लिए 423 करोड़ रुपए की कथित रिश्वत दी थी।