प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को अगस्ता वेस्टलैंड मामले के पूरक आरोप-पत्र के मीडिया में लीक होने की जांच की मांग की है। ईडी ने कुछ समाचार संगठनों को नोटिस जारी करने की भी मांग की ताकि वह बताएं कि उन्हें आरोप-पत्र की प्रति कहां से मिली।
फरवरी 2010 में यूपीए सरकार ने ब्रिटिश-इटैलियन कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड के साथ वीवीआईपी हेलिकॉप्टर की खरीद के लिए एक सौदा किया था। इस सौदे के तहत वायुसेना के लिए 12 हेलिकॉप्टर खरीदे जाने थे। इनमें से आठ का इस्तेमाल राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य वीवीआईपी हस्तियों की उड़ान के लिए किया जाना था। बाकी चार हेलिकॉप्टर एक साथ 30 एसपीजी कमांडो को ले ले जाने की क्षमता रखते थे।
इस सौदे की कीमत 3600 करोड़ रुपये तय हुई थी। लेकिन, जनवरी 2014 में कॉन्ट्रैक्ट की शर्तें पूरी न होने और 360 करोड़ रुपये के कमीशन का भुगतान करने के आरोपों के बाद भारत की ओर से यह सौदा रद्द कर दिया गया था। जब करार को रद्द करने का आदेश जारी हुआ, उस समय तक भारत सौदे की राशि का 30 फीसद भुगतान कर चुका था। साथ ही तीन अन्य हेलिकॉप्टर के लिए आगे के भुगतान की प्रक्रिया जारी थी।