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कृषि उद्योग 2023: ड्रोन करेंगे फसलों की सेहत की निगरानी जीपीएस नियंत्रित ट्रैक्टर्स से होगी जुताई

Sun, 01 Jan 2023 07:09 AM IST
Amit Mandal अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

दुनिया के तमाम बड़े निवेशक बैंक, संगठन और विशेषज्ञों का कहना है कि अगला दशक हिंदुस्तान का है। दुनिया आज भारत का लोहा मान रही है।
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कृषि क्षेत्र - फोटो : PTI
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विस्तार
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उन्नत एग्रीटेक के साथ, भारतीय कृषि उद्योग 2023 में फलने-फूलने के लिए तैयार है। दूसरे शहर में बैठकर भी एआई से मिट्टी के स्वास्थ्य की निगरानी, फसलों में कीटों और बीमारियों से मुकाबला संभव होगा। ज्यादा उपज, फसल विकास और उत्पादन की निगरानी के लिए ड्रोन। तापमान और नमी सेंसर, हवाई चित्र, जीपीएस तकनीक से कृषि पारिस्थितिकी तंत्र में भारी बदलाव की उम्मीद है। जुताई के लिए बाजार में जीपीएस नियंित्रत ट्रैक्टर भी जल्द आ सकते हैं।

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अब 6जी पर नजर
कई शहरों में अब तक 5जी सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। अब नजर 6जी पर है। पीएम नरेंद्र मोदी ने बीते अगस्त में इसका एलान किया था।
दूरसंचार विभाग ने 6जी पर एक प्रौद्योगिकी इनोवेशन ग्रुप का गठन किया है।
450 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है 5जी का आर्थिक प्रभाव 2035 तक। 

अर्थव्यवस्था : अगला दशक भारत का
दुनिया के तमाम बड़े निवेशक बैंक, संगठन और विशेषज्ञों का कहना है कि अगला दशक हिंदुस्तान का है। दुनिया आज भारत का लोहा मान रही है। भारत विश्व की सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में शामिल है। यही वजह है कि वैश्विक महामारी को मात देकर भारत दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।

जी20 : वैश्विक नेतृत्व की भूमिका में
भारत 1 दिसंबर 2022 से 30 नवंबर 2023 तक जी20 की अध्यक्षता कर रहा है। इसके साथ ही भारत में जी20 से संबंधित बैठकों की शुरुआत हो चुकी है। भारत वैश्विक नेतृतव की भूमिका में है। 200 से अधिक बैठकें 50 से ज्यादा शहरों में होनी है। यह सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मुद्दों पर वैश्विक संरचना और अधिशासन निर्धारित करने तथा उसे मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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अमृत काल की ओर भारतीय युवा उद्यमी
भारत आजादी के 75 साल मना रहा है। ट्रेड वार, जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा संकट, कोविड-19 महामारी और यूक्रेन-रूस संघर्ष के बीच दुनिया जिस भारतीय लोकतंत्र की ओर देख रही है, युवा उद्यमियों के लिए अमृत काल में इससे बड़ा महत्वपूर्ण कुछ और नहीं हो सकता। मौके उनके इंतजार में खड़े हैं।

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