केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कहा कि इस साल रबी (सर्दियों) की फसल बेहतर हो, इसके लिए कृषि वैज्ञानिक 3 से 18 अक्टूबर के बीच किसानों के खेतों का दौरा करेंगे। स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किसानों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि किसानों, डेयरी किसानों और मछुआरों के हितों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को घोषणा की कि इस साल रबी (सर्दियों) की फसल की गुणवत्ता और उत्पादन बेहतर करने के लिए कृषि वैज्ञानिक 3 से 18 अक्टूबर के बीच देशभर के खेतों का दौरा करेंगे। कृषि मंत्री ने कहा कि इस अभियान के दौरान वैज्ञानिक किसानों से सीधे मिलेंगे, फसलों की स्थिति का आकलन करेंगे और उन्हें बेहतर खेती के लिए जरूरी तकनीकी व वैज्ञानिक सुझाव देंगे। उनका उद्देश्य है कि मौसम, मिट्टी और बीज की स्थिति को देखते हुए किसानों को समय पर सही सलाह मिले, जिससे उनकी उपज और आमदनी में वृद्धि हो सके।
किसानों से कृषि मंत्री ने किया संवाद
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किसानों से संवाद करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता किसानों, डेयरी किसानों और मछुआरों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, 'सरकारी काम का असर जनता के जीवन में नजर आना चाहिए, सिर्फ फाइलों में नहीं।'
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कृषि मंत्रालय और आईसीएआर की साझा पहल
उन्होंने बताया कि कृषि मंत्रालय और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) मिलकर यह पहल कर रहे हैं, ताकि रबी सीजन में गेहूं, चना, मसूर, सरसों जैसी प्रमुख फसलों की पैदावार को बढ़ाया जा सके। इसके लिए उन्नत बीज, संतुलित खाद, सिंचाई तकनीक और कीट नियंत्रण के उपायों पर भी किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर और भागीरथ चौधरी, कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी, आईसीएआर के महानिदेशक एम.एल. जाट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर कई किसानों ने अपने अनुभव और समस्याएं भी साझा कीं, जिनके समाधान का आश्वासन मंत्री ने दिया।