700 किमी दूर 3500 मीटर की ऊंचाई पर केदारनाथ के प्रतिकूल मौसम में आगरा एएसआई के अधिकारी मंदिर के संरक्षण में जुटे हैं। हादसे के तीन साल बाद मंदिर की केमिकल क्लीनिंग के लिए आगरा से दो एएसआई केमिकल ब्रांच के अधिकारी केदारनाथ भेजे गए हैं जो मुख्य मंदिर परिसर की दीवारों पर जमी काई और गंदगी को साफ करा रहे हैं। प्राचीन शिव मंदिर की दीवारों पर सिलिकॉन और प्रिजरवेटिव की परत चढ़ाकर एएसआई केमिकल ब्रांच संरक्षण कर रही है।
एएसआई आगरा केमिकल ब्रांच के सहायक रसायनविद डा. सुग्रीव सिंह 15 दिन तक केदारनाथ मंदिर के केमिकल ट्रीटमेंट कराने के बाद लौट आए। उन्हें मुख्य मंदिर की बाहरी दीवारों की केमिकल से सफाई के लिए भेजा गया था। 6 महीने बर्फ में दबे रहने और हर दिन बारिश से मंदिर की दीवारों पर न केवल काई जम चुकी है, बल्कि वेजीटेशन भी होने लगा।
स्केफोल्डिंग लगाकर मंदिर की एक्सपर्ट कारीगरों की मदद से सफाई कराई जा रही है और उस पर सिलिकॉन की तरह अन्य प्रिजरवेटिव की पतली परत लगाई जा रही है, ताकि वेजीटेशन से पत्थरों को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके और दुबारा काई न जम पाए। बता दें कि हादसे के बाद सबसे पहले पहुंची टीम में आगरा एएसआई में तैनात रहे सहायक पुरातत्वविद डा. आरके सिंह ही केदारनाथ पहुंचे थे।