केंद्रीय गृह मंत्रालय का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में यह फैसला लिया गया है और इससे सेना की ताकत बढ़ेगी। पूर्व अग्निवीरों को बीएसएफ और सीआईएसएफ की भर्तियों में 10 फीसदी आरक्षण मिलेगा।
पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। पूर्व अग्निवीरों को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की भर्तियों में दस फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा उन्हें शारीरिक मानदंड (फिजिकल) में भी छूट दी जाएगी।
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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दी जानकारी
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस बारे में जानकारी दी है। गृह मंत्रालय के अनुसार, बीएसएफ के महानिदेशक नितिन अग्रवाल का कहना है कि पूर्व अग्निवीरों को 10 फीसदी आरक्षण के साथ साथ आयु सीमा में छूट मिलेगी। उन्होंने कहा कि चार वर्ष के अनुभव वाले पूर्व अग्निवीरों को बीएसएफ के लिए उपयुक्त पाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में यह फैसला लिया गया है और इससे सेना की ताकत बढ़ेगी।
सीआईएसएफ की भर्ती में भी मिलेगी छूट
उधर, सीआईएसएफ की महानिदेशक नीना सिंह ने भी इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के फैसले के बाद सीआईएसएफ भी अपने बल में पूर्व अग्निवीरों की भर्ती के लिए तैयार है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, सीआईएसएफ महानिदेशक का कहना है कि सिपाही की भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को 10 फीसदी आरक्षण मिलेगा। इसके अलावा आयु सीमा और शारीरिक मानदंड (फिजिकल) में भी छूट दी जाएगी।
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वर्ष 2022 के जून महीने में केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत 17.5 वर्ष से 21 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं को चार साल के लिए सेना में काम करने का अवसर प्रदान किया गया। इसमें यह प्रावधान भी जोड़ा गया था कि इनमें से 25 फीसदी अग्निवीरों को अगले 15 वर्ष के लिए नौकरी पर बरकरार रखा जा सकता है। इसके बाद कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को घेरा था। यह आरोप लगाया गया था कि अगर 25 फीसदी अग्निवीरों को सेना में बनाए रखने के बाद बाकी 75 फीसदी अग्निवीरों का क्या होगा? इससे पहले कई सरकारी एजेसियों द्वारा भी पूर्व अग्निवीरों की भर्ती घोषणा की जा चुकी है।