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Agnipath Protest: बहन की तरह देश सेवा करना चाहता था राकेश, तेलंगाना में पुलिस की फायरिंग में हुई मौत 

Sat, 18 Jun 2022 09:59 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराबाद

सार

परिवार से मिली जानकारी के मुताबिक, राकेश लंबे समय से सेना की तैयारी कर रहा था। सेना भर्ती के लिए तीन साल पहले हुए फिटनेस टेस्ट को उसने पास कर लिया था। 2020 में उसकी लिखित परीक्षा होनी थी, लेकिन कोरोना के कारण इसे स्थगित कर दिया गया।
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अग्निपथ योजना को लेकर देश के कई राज्यों में बवाल हो रहा है। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अग्निपथ योजना को लेकर तेलंगाना के सिकंदराबाद में शुक्रवार को हुए विरोध प्रदर्शन और पुलिस की फायरिंग में एक युवक की मौत हो गई थी। 21 साल के युवक की पहचान दामोदर राकेश के रूप में हुई है। उसके पिता का कहना है कि हम अपने बेटे को सेना के अधिकारी के रूप में देखना चाहते थे, लेकिन वह हमारी ही पुलिस की गोलीबारी में मार दिया गया। 

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परिवार से मिली जानकारी के मुताबिक, वारंगल के दबीरपेट गांव का रहने वाला राकेश लंबे समय से सेना की तैयारी कर रहा था। सेना भर्ती के लिए तीन साल पहले हुए फिटनेस टेस्ट को उसने पास कर लिया था। 2020 में उसकी लिखित परीक्षा होनी थी, लेकिन कोरोना के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। उन्होंने कहा, वह उम्मीद लगाए था कि जल्द ही लिखित परीक्षा होगी और वह सेना में भर्ती होगा, लेकिन जब उसे पता चला कि लिखित परीक्षा रद्द कर दी गई तो उसे बहुत धक्का लगा और वह काम के बहाने से गुरुवार को घर से निकल गया। 

बहन की तरह करना चाहता था देश सेवा 
राकेश की बड़ी बहन सीमा सुरक्षा बल में कार्यरत है। अपनी बहन की तरह राकेश का सपना भी देश सेवा करने का था। उसी को देखकर राकेश ने सेना भर्ती की तैयारी शुरू की थी। राकेश के पिता ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे पुलिस का फोन आया और बताया गया कि सिकंदराबाद हिंसा में राकेश घायल हो गया है। कुछ पुलिस अधिकारी हमारे घर आए और मुझे व मेरी पत्नी को यह कहते हुए एक जीप में ले गए कि हमें हैदराबाद ले जाया जाएगा। शाम को हमारे घर पर हमें छोड़ दिया गया और बताया गया कि हमारा बेटा पुलिस की गोलीबारी में मारा गया है। राकेश के पिता ने कहा, अगर हमारा बेटा दुश्मन की गोली का शिकार होता तो हमें गर्व होता, लेकिन वह हमारी ही पुलिस की गोली से मारा गया। 
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रेलवे स्टेशन पर भड़की थी हिंसा 
दरअसल, शुक्रवार को तेलंगाना के सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर छात्रों ने हिंसक प्रदर्शन किया था। यहां तोड़फोड के बाद एक ट्रेन को आग लगा दी गई। जानकारी के मुताबिक, परिसर में करीब 500 प्रदर्शनकारी थे, जिन्हें रोकने के लिए पुलिस ने 15 राउंड फायरिंग की। इसमें 12 लोग घायल हो गए थे। वहीं सीने में गोली लगने से राकेश की मौत हो गई। 

परिवार को 25 लाख का मुआवजा 
अग्निपथ योजना के खिलाफ तेलंगाना में हुए प्रदर्शन के दौरान छात्र राकेश की मौत पर मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री केसीआर ने राकेश के परिजनों 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की घोषणा की है। 

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