सेना में युवाओं की भर्ती के लिए सरकार द्वारा घोषित 'अग्निपथ' स्कीम के विरोध के बीच केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन ने इसका बचाव किया है। उन्होंने कहा कि यह योजना सही इरादे से लाई गई है, लेकिन कुछ लोग भ्रमित होकर आंदोलन कर रहे हैं।
सेना प्रमुख ने किया योजना का बचाव
उधर, सरकार व तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने भी इस योजना का बचाव किया है। उनका कहना है कि यह योजना युवाओं को देश सेवा का अवसर प्रदान करेगी। सैन्य सेवाएं उन्हें अच्छे रोजगार के उपयुक्त बनाएंगी। सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कहा कि युवा शायद अग्निपथ योजना के निहितार्थ को पूरी तरह से नहीं समझ पाए हैं। इसके कारण उनके मन में आशंकाएं हैं। जब वे इसे समझ लेंगे तो महसूस करेंगे यह उनके व सेना के लिए अच्छी योजना है। इसी तरह नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि यह भर्ती मॉडल की शुरुआत कारगिल समीक्षा समिति की सिफारिशों के अनुरूप है।
सेना रोजगार पैदा करने का माध्यम नहीं
नौसेना प्रमुख ने कहा कि कहा कि सेना कोई रोजगार पैदा करने का जरिया नहीं है। आप सेना में राष्ट्रभक्ति की भावना से भर्ती होते हैं। जिनके मन में देश की रक्षा का भाव होता है वो सेना में भर्ती होते हैं। जब 75 फीसदी अग्निवीर रिटायर होंगे तब वे युवा होंगे और काम करने के लिए पूरी दुनिया उनकी होगी।