मोदी सरकार की नई योजना 'अग्निपथ' के अग्निवीरों के कैरियर की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए शिक्षा मंत्रालय एक विशेष तीन वर्षीय कौशल आधारित स्नातक डिग्री कार्यक्रम शुरू करेगा। अधिकारियों ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। इस पाठ्यक्रम के जरिए रक्षा बलों में उनके कार्यकाल के दौरान उनके द्वारा प्राप्त कौशल प्रशिक्षण को मान्यता दी जाएगीा।
भारत और विदेश दोनों जगह रोजगार के लिए मान्य होगी
डिग्री कार्यक्रम को संबंधित नियामक निकायों अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई), राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) और यूजीसी द्वारा विधिवत मान्यता दी जाएगी।
आने वाले महीनों में 40 हजार सैनिकों की भर्ती करेगी सेना
सेना में अग्निपथ योजना के तहत 7 महीनों में 40 हजार जवानों की भर्ती होगी। चार साल के कार्यकाल के लिए अनुबंध के आधार पर ये भर्तियां होंगी। भर्ती के लिए देश के सभी 773 जिलों में अभियान चलाया जाएगा। वहीं, नौसेना व वायुसेना ने एक साल में क्रमश: 3000 व 3500 अग्निवीरों को भर्ती का लक्ष्य तय किया है।
थलसेना के उपप्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू ने बुधवार को बताया कि पहले 180 दिनों में 25 हजार भर्तियां होंगी। उसके अगले महीने से 15 हजार अग्निवीरों की भर्ती शुरू की जाएगी। लेफ्टिनेंट जनरल राजू ने बताया, रक्षा मंत्रालय सभी संचालन जरूरतों को पूरा करने और आवश्यक बदलाव करने के लिए सक्षम है।
वहीं, पश्चिमी नौसेना कमान के कमांडर इन चीफ वाइस एडमिरल अजेंद्र बहादुर सिंह ने बताया, नौसेना इस साल 3,000 अग्निवीरों की ही भर्ती करेगी। इसके बाद जरूरत और स्वीकृत क्षमता के आधार पर भर्ती बढ़ाई जाएगी। वायुसेना में 3500 अग्निवीरों की भर्ती की जाएगी। मध्य कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने बताया, मिशन अग्निपथ के तहत यूपी व उत्तराखंड में अगस्त से भर्ती रैलियां शुरू होंगी।
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड समेत चार राज्य पुलिस सेवा में देंगे वरीयता
उत्तर प्रदेश समेत चार राज्य अग्निपथ योजना से चार साल के कार्यकाल के बाद सेवामुक्त होने वाले अग्निवीरों को अपने यहां पुलिस सेवा में वरीयता देंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह एलान किया। उत्तराखंड, मध्य प्रदेश ने भी इसकी घोषणा की है। हरियाणा में सभी सरकारी नौकरियों में वरीयता मिलेगी।
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल व असम राइफल्स की भर्ती में मिलेगी प्राथमिकता
गृह मंत्रालय केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और असम राइफल्स की भर्ती में अग्निवीरों को प्राथमिकता देगा। गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि अग्निपथ योजना युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक दूरदर्शी और स्वागत योग्य निर्णय है। इस संदर्भ में गृह मंत्रालय ने इस योजना के तहत चार साल पूरे कर चुके अग्निवीरों को लेकर योजना बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।