भारत और जापान साथ मिलकर अफ्रीका, ईरान, श्रीलंका और दक्षिण पूर्व एशिया में कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम करने की योजना बना रहा है। इसे चीन के वन बेल्ट वन रोड (OBOR) प्रोजेक्ट को टक्कर देने के लिए ये भारत की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
बता दें इस क्षेत्र में चीन की दखल बढ़ती जा रही है इसको संतुलित करने के लिए भारत और जापान ने ये कदम उठाया है। इसके अलावा भारत और जापान संयुक्त रूप से पूर्वी श्रीलंका में त्रिंकोमाली पोर्ट का विस्तार करने की भी योजना बना रहा है।
जापान ने अंडमान निकोबार और पूर्वोत्तर भारत के क्षेत्रों में क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्टर बनाने के लिए भारत के साथ साझेदारी की है। बता दें भारत और जापान 24 मई को अहमदाबाद में अफ्रीका विकास बैंक की बैठक के मौके पर क्षमता निर्माण और बुनियादी ढांचे पर संयुक्त परियोजनाओं के बारे में चर्चा करने के लिए अफ्रीका के स्टेकधारकों के साथ एक बैठक करेंगे।
जापान के वित्त मंत्री इस बैठक में देश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। भारत-जापान की पहल 'फ्रीडम कॉरिडोर' का हिस्सा है जो एशिया-प्रशांत से अफ्रीका तक फैला है।
गौरतलब है कि कॉरिडोर की घोषणा पिछले साल जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जापान यात्रा के दौरान की थी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने हालिया जापानी दौरे में इस मुद्दे पर जापान से बातचीत भी की थी।