पाकिस्तान और चीन की नापाक कोशिशों और बढ़ती दोस्ती को भारत गंभीरता से ले रहा है। चीन-पाक को जवाब देने के लिए भारत नए राफेल जेट्स को अंबाला और हरसीमारा बॉर्डर पर तैनात करने जा रहा है। खास बात है कि ये राफेल जेट फ्रांसीसी तकनीक से बने होंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फ्रांस की एविएशन कंपनी ने भारत ने जल्द ही ये राफेल बनाकर देने की कही है।
कंपनी इस साल सितंबर तक ये फाइटर जैट्स भारत को दे सकती है। इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक भारत को और फ्रांस एविएशन के बीच पिछले साल 60000 करोड़ रुपये के 36 राफेल फाइटर जेट्स की डील हुई। इसमें से 18 जेट्स को अंबाला और बाकी को पश्चिम बंगाल के हरसीमारा में तैनात किया जाएगा।
दरअसल, इस आक्रामक पैट्रोलिंग के पीछे भारत का चीन को जवाब देना है। बता दें कि इन दोनों ही जगहों से चीन भारत की गतिविधियों को डायरेक्ट देख सकता है। इससे पहले भारत ने उत्तर प्रदेश के सरसावा में एक जेट की पैट्रोलिंग का फैसला लिया था, लेकिन जमीन विवाद के कारण ऐसा हो नहीं पाया।
हरसीमारा एयर बेस पर एमआईजी 27 की जगह इन जेट्स को तैनात किया जाएगा। भारत फ्रांच की मैन्युफेक्चरिंग कंपनी पर जल्द इन जेट्स को देने का दबाव बना रहा है। कंपनी ने जेट्स को तेजी से बनाना शुरू कर दिया है। बता दें कि चीन-पाक की वजह से भारत ने रूस से लिए सुखोई-3एस को एमआईजी-21 की जगह बदल रहा है।