कोरोना महामारी के मद्देनजर दो साल से बंद नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रविवार से शुरू कर दी गई हैं। देश के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और विमानन कंपनियों ने इस संबंध में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए हैं। आदेश के मुताबिक, निर्धारित विदेशी एयर लाइनों ने अपने अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम को मंजूरी देने के लिए आवेदन किया है। ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम, 2022 के दौरान 27 मार्च से 29 अक्टूबर तक मारीशस, मलेशिया, थाईलैंड, तुर्की, अमेरिका और इराक समेत 40 देशों की कुल 60 विदेशी एयरलाइनों को भारत आने और यहां से रवानगी के लिए 1,783 उड़ानों को मंजूरी प्रदान की गई है।
एयरलाइनें भारत में अपनी उड़ानों का संचालन शुरू भी करने जा रही हैं। इनमें इंडिया सलाम एयर, एयर अरेबिया अबु धाबी और अमेरिकन एयरलाइन शामिल हैं। भारतीय एयरलाइन इंडिगो ने कहा कि वह आगामी माह के दौरान चरणबद्ध तरीके से 150 से अधिक मार्गों पर निर्धारित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बहाल करेगी।
23 मार्च 2020 को लगी थी रोक
23 मार्च 2020 को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक लगी थी। हालांकि विभिन्न देशों के साथ एयर बबल समझौतों और वंदे भारत मिशन के तहत विशेष उड़ानें संचालित की गई थीं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने आठ मार्च को घोषणा की थी कि कोरोना के घटते मामलों के बाद 27 मार्च से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होंगी। इस फैसले से दिल्ली स्थित सबसे बड़े इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अप्रैल के पहले हफ्ते में विदेश की उड़ानों के संचालन में उछाल आने की उम्मीद है।
इस मौके पर नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि भारत फिर दुनिया से जुड़ रहा है क्योंकि सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें आज से बहाल हो गईं हैं। राष्ट्रीय उड़ानें देश में 18 अक्टूबर से पूरी क्षमता से शुरू हो गई थीं। अब अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पूरी क्षमता से शुरू कर दी गई हैं। मैं हमारे यात्रियों के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं। नागरिक उड्डयन पर संसदीय स्थायी समिति के चेयरमैन टीजी वेंकटेश ने इस कदम का स्वागत करते हुए यात्रियों की सुरक्षा से समझौता ना करने का सुझाव भी दिया है।
विदेश जाने वालों को भी बूस्टर डोज जल्द
केंद्र सरकार जल्द ही पढ़ाई, नौकरी, कारोबार और दफ्तर के काम से विदेश जाने वालों को भी कोरोना टीके की एहतियाती खुराक देने का फैसला ले सकती है। सूत्रों के मुताबिक, विदेश जाने वालों को निजी टीकाकरण केंद्रों से भुगतान कर बूस्टर डोज लगवाने की अनुमति पर विचार जारी है।
अभी स्वास्थ्य कर्मियों, अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं और 60 से अधिक उम्र वालों को एहतियाती खुराक दी जा रही है। कई देशों में विदेश से आने वालों के लिए बूस्टर डोज अनिवार्य है। खिलाड़ियों, बैठकों में जाने वाले सरकारी अधिकारियों को भी यह मंजूरी दी जा सकती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक निर्देश जारी नहीं किया गया है। खुराक की प्राथमिकता और सीक्वेसिंग मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार दूसरी खुराक दिए जाने की तारीख से नौ महीने पूरे होने पर आधारित होगा।
16 जनवरी 2021 को शुरू हुआ था टीकाकरण अभियान
देश भर में टीकाकरण अभियान 16 जनवरी, 2021 को शुरू किया गया था, जिसमें स्वास्थ्यकर्मियों को पहले चरण में टीका लगाया गया था। फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण पिछले साल दो फरवरी से शुरू हुआ था। कोविड-19 टीकाकरण का अगला चरण पिछले साल एक मार्च को 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और 45 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए किसी रोग से पीडितों को टीके के साथ शुरू हुआ था। भारत ने पिछले साल एक अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के लिए टीकाकरण शुरू किया। इसके बाद सरकार ने पिछले साल एक मई से 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को वायरल बीमारी के खिलाफ टीकाकरण की अनुमति देकर अपने टीकाकरण अभियान का विस्तार करने का फैसला किया। टीकाकरण का अगला चरण इस साल तीन जनवरी से 15-18 वर्ष के आयु वर्ग के किशोरों के लिए शुरू हुआ है।