मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के तीन दिवसीय प्रवास पर रवाना होने से पूर्व जदयू के बयान जहां धारदार हुए हैं, वहीं पटना की सड़कों पर पोस्टर वार भी शुरू हो गया है। विपक्षी दल भाजपा ने भी धमकी भरे लहजे में कह दिया है कि चार दिनों में तेजस्वी पर फैसला हो वर्ना विधानसभा का मानसून सत्र नहीं चलने दिया जाएगा।
इन सब के बीच राजद नेता पूरी तरह खामोश हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर उनके कार्यकर्ता हमलावर हैं। पटना के आयकर चौराहे पर लगा पोस्टर जदयू प्रवक्ताओं पर आग उगल रहा है। इसमें जदयू प्रवक्ता पर सुशील मोदी की भाषा बोलने का आरोप लगाया गया है। कहा जा रहा है कि यह पोस्टर राजद की ओर से लगाया गया है, लेकिन राजद इससे इनकार कर रहा है। जदयू प्रवक्ताओं ने भी केवल पोस्टर लगाने वालों को बधाई दी है और नकारात्मक सोच वाला बताया है।
राजद चाहे जदयू प्रवक्ताओं पर कोई टिप्पणी न करने की बात कर रही हो, लेकिन कांग्रेस नेता दिलीप चौधरी ने खुलकर जदयू प्रवक्ताओं पर निशाना साधा है। चौधरी ने कहा कि जब नीतीश और तेजस्वी के बीच बातचीत हो चुकी है और तेजस्वी अपनी सफाई नीतीश कुमार को दे चुके हैं तो फिर प्रवक्ताओं को तेजस्वी से सफाई मांगने के बदले नीतीश कुमार से बात करनी चाहिए।
कांग्रेस नेता के इस बयान के बाद जदयू प्रवक्ताओं ने उनके खिलाफ मोरचा खोल लिया है। पार्टी प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि दिलीप चौधरी कांग्रेस के नेता हैं, लेकिन उनकी पहुंच कांग्रेस आलाकमान से अधिक दूसरे दलों के आलाकमान के पास है। वो राजद से पता लगा लें कि नीतीश कुमार ने मुलाकात के दौरान क्या सुना और क्या कहा।
इधर, भाजपा नेता सुशील मोदी ने कहा कि 28 तारीख से पहले नीतीश कुमार को तेजस्वी पर फैसला लेना होगा, वर्ना भाजपा दोनों सदनों को बाधित करेगी। मोदी ने कहा कि बिना तेजस्वी को बरखास्त किए हम सदन नहीं चलने देंगे। चार दिनों में नीतीश को फैसला लेना होगा अब और इस मामले को टालने की गुंजाइश नहीं है।