फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महामारी के बाद : मोदी सरकार की लोकप्रियता चरम पर, लोकल-सर्किल के सर्वे में 350 शहरों से 64 हजार लोग हुए शामिल

Tue, 31 May 2022 06:12 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला रिसर्च डेस्क, नई दिल्ली।

सार

मोदी सरकार ने महामारी की 3 लहरों में प्रभावी काम किया, आर्थिक सुधार अच्छे हुए, जिससे लोगों ने अच्छी रेटिंग दी। कोविड-19 टीकाकरण, रूस-यूक्रेन युद्ध में भारत की तटस्थता, विश्व में भारत के बढ़ते प्रभाव, आतंकी घटनाओं में कमी से भी रेटिंग अच्छी मिली।
विज्ञापन
भारत का लोकतंत्र - फोटो : iStock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

विपक्ष और विभिन्न संगठनों की आलोचनाओं के बावजूद जनता की नजरों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता कोविड-19 महामारी के बाद चरम पर है। ऐसे समय में जब सरकारी व गैर-सरकारी एजेंसियों के आंकड़े महंगाई और बेरोजगारी के विकट हालात बता रहे हैं, हर तीन में से दो भारतीयों का मानना है कि पीएम मोदी ने दूसरे कार्यकाल के पहले तीन वर्षों में अपेक्षा के अनुरूप या बढ़कर काम किया। हालांकि महंगाई और बेरोजगारी पर अधिकतर नागरिकों ने नाखुशी भी जताई। यह नाखुशी सरकार के लिए चिंता का विषय बन सकती है।

विज्ञापन


19 क्षेत्रों में सरकार की रेटिंग करवाई गई

  • 64 हजार नागरिकों के बीच लोकल सर्किल नामक एजेंसी के सर्वे में ये दावे किए गए हैं
  • 350 शहरों में हुआ सर्वे
  • 65% पुरुष, 35% महिलाएं शामिल
  • 2.21 लाख जवाब मिले
  • पिछले वर्ष 51% नागरिकों ने सरकार को सराहा था, तो 2020 में आंकड़ा 62% था। 

इन मामलों में सरकार से खुश और संतुष्ट जनता
 

1. मोदी सरकार के 3 साल : कैसा कामकाज?

  • 15,583 प्रतिक्रिया
  • 34 फीसदी अपेक्षा के अनुरूप
  • 33 फीसदी अपेक्षा से बढ़कर
  • 30 फीसदी अपेक्षा से कम
  • 3 फीसदी कुछ कह नहीं सकते

2. कारोबार करना : क्या पहले से आसान हुआ? 

  • हां 52 फीसदी
  • नहीं 32 फीसदी 
  • कह नहीं सकते 16

3. विश्व में दम : भारत की छवि और प्रभाव सुधरे?

  • हां 79 फीसदी
  • नहीं 15 फीसदी
  • कह नहीं सकते 6 फीसदी

4. इंस्पेक्टर राज : टैक्स अधिकारियों से शोषण कम हुआ?

  • हां 60 फीसदी
  • नहीं 24 फीसदी
  • कह नहीं सकते 16 फीसदी
विज्ञापन

5. सांप्रदायिक सदृभाव : तीन साल में सुधार आया?

  • हां 60 फीसदी
  • नहीं 33 फीसदी
  • कह नहीं सकते 7 फीसदी

6. स्टार्टअप व कारोबार : स्थापना, चलाना, बढ़ाना आसान हुआ?

  • हां 60 फीसदी
  • नहीं 24 फीसदी
  • कह नहीं सकते 16 फीसदी

7. संसद में सरकार : संसद ठीक से चला सकी, प्रमुख कानून बना पाई?

  • हां 67 फीसदी
  • नहीं 29 फीसदी
  • कह नहीं सकते 4 फीसदी

8. आतंकी : भारत और भारतीयों पर आतंकी हमले व आतंकवाद घटा?

  • हां 81 फीसदी
  • नहीं 14 फीसदी
  • कह नहीं सकते 5 फीसदी

9. भारत में भविष्य : अपने भविष्य को लेकर आप आशान्वित हैं?

  • हां 73 फीसदी
  • नहीं 20 फीसदी
  • कह नहीं सकते 7 फीसदी

10. चुनावी वादे : सरकार 2019 के घोषणा पत्र को पूरा नहीं कर रही है?

  • हां 63 फीसदी
  • नहीं 28 फीसदी
  • कह नहीं सकते 9 फीसदी

11. कोविड-19 : क्या सरकार ने जांच, संक्रमण पर सही काम किया? 

  • बहुत प्रभावी 62 फीसदी
  • कुछ प्रभावी 22 फीसदी
  • प्रभावी नहीं 7 फीसदी
  • बहुत खराब 9 फीसदी

12. आर्थिक सुधार : सरकार ने इसे कैसे हैंडल किया?

  • बहुत प्रभावी 52 फीसदी
  • कुछ प्रभावी 23 फीसदी
  • प्रभावी नहीं 13 फीसदी
  • बहुत खराब 12 फीसदी

13. टीकाकरण : टीका, इनकी खरीद, वितरण, आदि कैसा किया? 

  • बहुत प्रभावी 70 फीसदी
  • कुछ प्रभावी 18 फीसदी
  • प्रभावी नहीं 6 फीसदी
  • बहुत खराब 5 फीसदी
  • कह नहीं सकते 1 फीसदी

14. यूक्रेन-रूस युद्ध : सरकार ने इसे कैसे हैंडल किया? 

  • बहुत प्रभावी 62 फीसदी
  • कुछ प्रभावी 22 फीसदी
  • प्रभावी नहीं 7 फीसदी
  • बहुत खराब 5 फीसदी
  • कह नहीं सकते 4 फीसदी

15. कोविड-19 के खतरे : इसे सरकार ने कैसे हैंडल किया?

  • बहुत प्रभावी 58 फीसदी
  • कुछ प्रभावी 25 फीसदी
  • प्रभावी नहीं 3 फीसदी
  • बहुत खराब 12 फीसदी
  • कह नहीं सकते 2 फीसदी

...और इन मामलों में सरकार से नाखुश जनता

बढ़ती बेरोजगारी : समाधान निकाल पाई सरकार?

  • हां 37 फीसदी
  • नहीं 47 फीसदी
  • कह नहीं सकते 16 फीसदी

भ्रष्टाचार : क्या देश में भ्रष्टाचार कम हुआ? 

  • हां 46 फीसदी
  • नहीं 46 फीसदी
  • कह नहीं सकते 8 फीसदी

महंगाई : जीवनयापन का खर्च व दाम घटे ? 

  • हां 17 फीसदी
  • नहीं 73 फीसदी
  • कह नहीं सकते 10 फीसदी

प्रदूषण व पर्यावरण : जरूरी कदम उठाए? 

  • हां 42 फीसदी
  • नहीं 44 फीसदी
  • कह नहीं सकते 14 फीसदी
विज्ञापन

सर्वे के मुख्य निष्कर्ष

  • मोदी सरकार ने महामारी की 3 लहरों में प्रभावी काम किया, आर्थिक सुधार अच्छे हुए, जिससे लोगों ने अच्छी रेटिंग दी।
  • कोविड-19 टीकाकरण, रूस-यूक्रेन युद्ध में भारत की तटस्थता, विश्व में भारत के बढ़ते प्रभाव, आतंकी घटनाओं में कमी से भी रेटिंग अच्छी मिली।
  • बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई रोकने में विफलता और पर्यावरण संरक्षण में अधिकतर नागरिकों ने सरकार को नाकाम बताया। कम रेटिंग। 
  • सभी क्षेत्रों में केंद्र सरकार की रेटिंग के लिए 15 हजार से ज्यादा लोगों ने प्रतिक्रियाएं दीं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें