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श्रीदेवी की मौत के बाद फिल्मों में इस बदलाव की उठी मांग, सेंसर बोर्ड को लिखा पत्र

Mon, 26 Feb 2018 09:36 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फिल्मों में सीपीआर तकनीक को सही ढंग से दिखाने की मांग की गई है। सोमवार को हार्ट केयर फाउंडेशन की ओर से सेंसर बोर्ड को लिखे पत्र में कहा गया है कि सीपीआर की मदद से कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में मरीज की जान बचाई जा सकती है इसलिए इसे गंभीरता से लेना चाहिए। 
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बता दें कि एक दिन पहले ही हुई अभिनेत्री श्रीदेवी की मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई गई है। फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉक्टर के. के. अग्रवाल का कहना है कि फिल्मों में अक्सर मेडिकल तथ्य को गलत तरीके से दिखाया जाता है। डॉ. अग्रवाल का कहना है कि श्रीदेवी के अलावा पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम और पूर्व केंद्रीय मंत्री और तृणमूल सांसद सुल्तान अहमद की मौत की वजह भी अचानक कार्डियक अरेस्ट ही था। 

किसी के सामने दिल का दौरा पड़ना और अकेले में ऐसा होना दोनों अलग चीजें हैं। डॉ. कलाम के मामले में समय सीमा बीतने के 7 मिनट बाद सीपीआर दिया गया था। अहमद के मामले में ऐसी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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उन्होंने बताया कि पिछले काफी समय से वह दिल्ली के स्कूलों में जाकर बच्चों को सीपीआर तकनीक का प्रशिक्षण दे रहे हैं। साथ ही लोगों को भी इसकी जानकारी विभिन्न शिविरों के जरिये दे रहे हैं। उनका कहना है कि सीपीआर का आधार है तत्काल प्रतिक्रिया और अच्छे से इस क्रिया को अंजाम देना।

जब हृदयाघात होता है तो तीन सरल नियमों का पालन किया जाना चाहिए। एंबुलेंस को बुलाएं, जांच लें कि व्यक्ति सांस ले रहा है या नब्ज चल रही है और यदि नहीं, तो छाती को दबाना शुरू करें और मेडिकल हेल्प मिलने तक कम से कम 30 मिनट तक जारी रखें। 
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