दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में किडनी का सफल प्रत्यर्पण कराने के बाद सोमवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली अपने घर लौट आए हैं। घर पहुंचकर उन्होंने कहा कि मैं वापस घर आकर खुश हूं। मैं डॉक्टर, नर्सिंग अधिकारियों और चिकित्सा-सहायकों का आभारी हूं जिन्होंने पिछले तीन हफ्तों तक मेरी देखभाल की। मैं अपने सभी शुभचिंतकों, सहयोगी और दोस्तों को धन्यवाद देना चाहता हूं जो बहुत चिंतित थे और लगातार मेरे आरोग्य होने के लिए प्रार्थना कर रहे थे।
12 मई को
जेटली को एम्स में भर्ती कराया गया था। जेटली लगभग पिछले एक महीने से डायलिसिस पर थे। सूत्रों ने बताया था कि किडनी ट्रांसप्लांट में अपोलो हॉस्पिटल के डॉक्टर संदीप गुलेरिया शामिल थे जोकि एम्स के डायरेक्टर रनदीप गुलेरिया के भाई हैं। जेटली ने 6 अप्रैल को अपनी बीमारी के बारे में ट्वीट करके जानकारी दी थी और लंदन में 10वीं भारत-यूके बैठक को खारिज कर दिया था। उन्होंने ट्वीट में लिखा था, 'मैं किडनी संबंधित समस्याओं का इलाज करवा रहा हूं, किडनी में कुछ इंफेक्शन हुआ है।'
जेटली ने यह भी जानकारी दी थी कि वह इस समय घर पर आराम कर रहे हैं। सितंबर 2014 में जेटली ने वजन बढ़ने की वजह से बेरिएट्रिक सर्जरी करवाई थी। इससे पहले उन्होंने मैक्स हॉस्पिटल में सर्जरी करवाई थी लेकिन बाद में उन्हें एम्स में ट्रांसफर कर दिया गया। आपको बता दें कि जेटली कई साल पहले हार्ट सर्जरी भी करवा चुके हैं और डायबिटीज के मरीज हैं। इसी बीच उन्होंने
मोदी सरकार के चार साल पूरे होने के मौके पर एक ब्लॉग लिखा था। जिसमें सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताया गया था।