रन फॉर यूनिटी के बाद पीएम मोदी का एक भारत, श्रेष्ठ भारत
Thu, 14 Apr 2016 02:38 AM IST
शशिधर पाठक/अमर उजाला, दिल्ली।
सार
-सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक क्षेत्र में होगी पहल
-ताकि खत्म हो सके उत्तर, दक्षिण, पूरब, पश्चिम का अंतर
-राज्य बांटें राज्य से अपना अनुभव
-सात जोन में देश के राज्यों को बांटा
देश को एकता के सूत्र में पिरोने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर नया फार्मूला निकाला गया है। सरदार पटेल की जयंती पर रन फॉर यूनिटी(एकता के लिए दौड़) की शुरुआत के बाद प्रधानमंत्री ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का सपना साकार करना चाहते हैं। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री देश में उत्तर-दक्षिण, पूरब-पश्चिम के बीच का भेदभाव खत्म करना चाहते हैं। उनकी योजना सामाजिक,आर्थिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक क्षेत्र में राज्यों में परस्पर तालमेल को बढ़ावा देने की है।
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प्रधानमंत्री चाहते हैं कि एक राज्य के विभिन्न वर्गों, लोगों तथा अधिकारियों के बीच तालमेल और संवाद की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके। इसे आरएसएस के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद से भी जोड़कर देखा जा रहा है और बताते हैं इसकी रूपरेखा तैयार करने में डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे का काफी बड़ा योगदान है। इस क्रम में केंद्र सरकार पांच साल के कार्यक्रम की एक रूपरेखा तैयार कर रही है। केंद्रीय सांस्कृतिक मंत्री महेश शर्मा को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। सांस्कृतिक मंत्रालय नोडल एजेंसी की भूमिका में रहेगा। नीति आयोग भी इसको लेकर काफी उत्साहित है।
इसके तहत देश के 29 राज्यों और सात केन्द्र शासित प्रदेशों को सात जोन में बांटा गया है। जम्मू-कश्मीर, पंजाब, केरल, हिमाचल, उत्तराखंड, हरियाणा को जोन एक, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा जोन दो तो यूपी,दिल्ली, मध्य प्रदेश, बिहार जोन-3 में रखे गए हैं। सरकार चाहती है कि एक जोन के राज्य दूसरे जोन के राज्यों के साथ क्रमश: पांच साल की कार्ययोजना पर काम करें। एक साल तक एक राज्य विशेष की तकनीक, शिक्षा पद्धति, सामाजिक मुद्दों, आर्थिक क्षेत्र की खूबियों तथा संस्कृति को जाने समझें। अधिकारियों, शिक्षाविदों, छात्रों और लोगों की आवाजाही हो। राज्य अपनी खूबियों और समस्याओं से निपटने के कौशल का दूसरे राज्य से साझा करें।