केंद्रीय मंत्रिमंडल में एक और विस्तार संभव है। रविवार को विस्तार और फेरबदल के बाद चीन और म्यांमार के दौरे पर रवाना हुए पीएम नरेंद्र मोदी के स्वदेश वापसी के बाद जदयू से गठबंधन की गुत्थी सुलझ सकती है।
चूंकि मंत्रिमंडल में अब भी 5 मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है, इसलिए विस्तृत बातचीत के बाद विस्तार के जरिए जदयू सहित अन्य सहयोगियों शिवसेना, टीडीपी और अन्नाद्रमुक का रास्ता तय किया जा सकता है। प्रधानमंत्री भी जदयू का प्रतिनिधित्व हर हाल में सुनिश्चित करने के इच्छुक हैं।
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मंत्रिमंडल में एक और विस्तार के संदर्भ में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि इससे इंकार नहीं किया जा सकता। प्रधानमंत्री की स्वदेश वापसी के बाद इस सिलसिले में सहयोगी दलों से बातचीत कर भविष्य की राह बनाई जाएगी। सूत्रों के मुताबिक विस्तार पर हुई बातचीत में भाजपा जदयू को एक कैबिनेट और एक राज्य मंत्री का पद देने का प्रस्ताव भी रखा था।
बिहार के सीएम ने कैबिनेट मंत्री के लिए आरसीबी सिंह का नाम भेजे जाने का मन भी बना लिया था। मगर विभाग के मामले में पेच फंस गया। चूंकि इस समय मोदी मंत्रिमंडल में 76 सदस्य हैं। ऐसे में पीएम 5 और मंत्रियों को अपनी टीम में जगह दे सकते हैं।
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पार्टी सूत्रों का कहना है कि अन्नाद्रमुक को पहले दोनों धड़ों में विलय की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है। जदयू से विमर्श के बाद रास्ता निकल सकता है, मगर एक और कैबिनेट बर्थ मांग रही शिवसेना के साथ बीच का रास्ता निकालना मुश्किल दिख रहा है। वैसे भी पार्टी की इच्छा जदयू को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व देने की है। ऐसे में अगर विभाग के सवाल पर सहमति बनी तो मोदी मंत्रिमंडल में एक और विस्तार संभव है।