सुप्रीम कोर्ट के चार जजों की ओर से की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ये मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने इस संदर्भ में बैठक बुलाई है और बताया जा रहा है कि एसोसिएशन की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की जा सकती है।
वहीं प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव नृपेंद्र मिश्रा चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के आवास के बाहर गाड़ी में दिखाई दिए। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पीएम के प्रिंसिपल सेक्रेट्ररी नृपेंद्र मिश्रा चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा से मिलने गए थे, लेकिन मीटिंग नहीं हो सकी।
उधर, दिल्ली में स्थित घर से निकलते वक्त अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि सब ठीक हो जाएगा।'
बता दें कि न्यायपालिका में चल रही गड़बड़ियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जज नाराज चल रहे हैं। जजों ने इससे पहले चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) से इस बारे में कई बार बातचीत भी की, लेकिन कोई हल नहीं निकलने के बाद उन्होंने मीडिया के सामने आने का फैसला लिया।
बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट विकास सिंह ने कहा कि अगर वे (जज) मीडिया के सामने आए भी थे तो उन्हें कुछ महत्वपूर्ण कहना चाहिए था। सिर्फ लोगों के दिमाग में न्यायपालिका के खिलाफ गलतफहमी पैदा करना ठीक नहीं है। साथ ही ये भी तय नहीं था कि वे जस्टिस लोया के केस पर कुछ बयान देंगे।
शुक्रवार को 4 जज प्रेस कॉन्फ्रेंस में जस्टिस रंजन गोगई जस्टिस कुरियन जोसेफ, जस्टिस चेलामेश्वर और जस्टिस मदन भीमराव मौजूद रहे। जजों ने कहा कि न्यायपालिका में कुछ महीनों से सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है और ऐसा रहा तो लोकतंत्र नहीं चल सकेगा।
जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा- हम नहीं चाहते कि हम पर कोई सवाल उठाए और न्यायपालिका की निष्ठा पर सवाल उठे। उन्होंने कहा कि हमने कई बार गड़बड़ियों को लेकर CJI से शिकायत की, लेकिन सब बेकार चला गया। किसी देश के लोकतंत्र के लिए जजों की स्वतंत्रता जरूरी है, इन हालात में तो लोकतंत्र सरवाइव नहीं कर पाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने सीजेआई को चिट्ठी भी लिखी थी लेकिन उस पर कोई जवाब नहीं आया। जजों ने वह चिट्टी मीडिया में भी दिखाई।