नवरात्र के दौरान भगवान की पूजा अर्चना में इस्तेमाल हवन सामग्री और फूल मालाएं यमुना के आसपास फेंक दिए जाने से एक बार फिर गंदगी फैल गई। पूजा में इस्तेमाल हवन सामग्री और भारी मात्रा में फूल मालाएं फेंकने की वजह से यमुना के इर्द-गिर्द एक बार फिर गंदगी का आलम रहा। यमुना पुल पर जालियां लगी होने की वजह से लोगों को जहां जगह मिली, वहीं गंदगी फैलाने से वे बाज नहीं आए।
शास्त्री पार्क से आईएसबीटी रोड पर काफी संख्या में लोग पहुंचे। पुल पर जाली लगी होने की वजह से जगह मिलते ही लोगों ने अपने वाहनों से बाहर गंदगी फेंकी और आगे बढ़ गए। हालांकि, कुछ जगहों पर जाली टूटी होने की वजह से लोगों ने वहीं से फूल, मालाएं सहित पूजा में इस्तेमाल की गई सामग्री को फेंक दिया।
आईटीओ, कालिंदी कुंज, वजीराबाद गांव और आईएसबीटी के पास यमुना के आसपास एक ही दिन में गंदगी का अंबार लग गया। शाम के वक्त मूर्तियों के विसर्जन के दौरान भी यमुना में उतरने से पहले भी कुछ जगहों पर लोगों ने गंदगी फेंक दी, जबकि गंदगी न फैले इस लिहाज से स्थान नियत कर दिए गए थे।
प्रदूषण के स्तर में हो सकती है और बढ़ोतरी
दिल्ली में पहले ही प्रदूषण स्तर में लगातार बढ़ोतरी से विभागों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। यमुना के इर्द-गिर्द गंदगी फैलने की वजह से आगे भी प्रदूषण के स्तर में और बढ़ोतरी की आशंका बढ़ गई है। गीला कचरा के सूखने के बाद हवा की झोंके से एक बार फिर पीएम-2.5 और पीएम-10 के स्तर में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।