सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाकर बीते दिनों किसान संसद की तरफ से पारित दो अहम विधेयकों को पास कराए। पहला कानून किसानों को एक बार में पूरी तरह से ऋण मुक्त किया जाए। दूसरा कृषि उपज का उचित और लाभकारी मूल्य से जुड़ा है। इसमें किसानों की आय फसल की लागत का डेढ़ गुना करने का प्रावधान है।
कई जगह यातायात प्रभावित
गाजियाबद एसएसपी उपेंद्र अग्रवाल ने बताया कि किसान मुक्ति मार्च के चलते दिल्ली में कई जगह यातायात प्रभावित रहा। मजनूं का टीला, चंदगी राम अखाड़ा, कश्मीरी गेट आईएसबीटी, समालखा, एनएच 8, धौला कुआं, नोएडा में ट्रैफिक पुलिस को यातायात व्यवस्था बहाल रखने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। दिल्ली में प्रवेश के रास्तों पर पुलिस बल तैनात किया गया और ट्रैक्टर ट्रॉली को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
दिल्ली पुलिस ने किसानों को लुटियन की नई दिल्ली में आने की अनुमति नहीं दी है। दूसरी तरफ किसान संसद तक मार्च करने की ठाने हुए हैं। ऐसे में दिल्ली पुलिस अधिकारी किसान नेताओं से देर रात तक बात करने में लगे हुए थे।
उनकी ये कोशिश है कि किसान रामलीला मैदान में ही रहें और वहीं अपने आंदोलन को खत्म कर दें। दिल्ली पुलिस ने किसानों के मार्च को देखते हुए बुधवार को गुपचुप तरीके से सर्कुलर जारी कर दिया था और कहा था कि जंतर-मंतर पर एक हजार से ज्यादा लोग एक साथ एकत्रित नहीं हो सकते।
नई दिल्ली रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त अजय चौधरी ने बताया कि किसान संघर्ष समिति ने संसद तक मार्च तक करने की अनुमति मांगी थी। इसके लिए संघर्ष समिति ने नई दिल्ली जिला पुलिस के सामने आवेदन किया था। पुलिस ने किसानों को नई दिल्ली आने की अनुमति नहीं दी है। हालांकि किसान संसद तक मार्च करने में अड़े हुए हैं। दिल्ली पुलिस अधिकारियों व किसान नेताओं में देर रात तक बैठक हो रही थी।
दिल्ली पुलिस प्रवक्ता मुधर वर्मा का कहना था कि अगर किसान मार्च करने के लिए रामलीला मैदान से निकले तो उन्हें सुविधाएं दी जाएंगी। हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि दिल्ली पुलिस इस कोशिश में लगी हुई है कि किसान रामलीला मैदान में ही अपने मार्च को खत्म कर दें।
इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नई दिल्ली जिला पुलिस ने बुधवार को गुपचुप तरीके से जंतर-मंतर को लेकर दिशानिर्देश जारी कर दिए। इन दिशानिर्देशों में कहा गया है कि जंतर-मंतर पर एक हजार से ज्यादा लोग और बोट क्लब पर 100 से ज्यादा लोग एकत्रित नहीं हो सकते।