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कैराना के बाद अब ढकौला की दीवारों पर लिखा 'यह मकान बिकाऊ है'

Sat, 20 Aug 2016 04:54 AM IST
अमर उजाला, नहटौर (बिजनौर)
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पुलिस की एकपक्षीय कार्रवाई से नाराज एक समुदाय के लोगों का गांव छोड़ने का फैसला
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शामली जिले के कैराना प्रकरण का मामला अभी ठंडा ही नहीं पड़ा था कि गांव ढकौला में पुलिस की एकपक्षीय कार्रवाई से खफा होकर लोगों ने अब अपने घरों के बाहर यह मकान बिकाऊ तक लिख दिया है। एक समुदाय के लोग इतने भयभीत है कि वह अपने बच्चों को स्कूल तक नहीं भेज रहे हैं। दूसरे समुदाय के लोगों ने पुलिस फोर्स के हटते ही धर्मस्थल से अजान शुरू कर दी है। कई ग्रामीणों ने गांव छोड़ने का फैसला कर लिया है। इस संबंध में एसओ अता मोहम्मद ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जारी है। 
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शामली जिले के कैराना में करीब दो-तीन महीने पहले भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने एक समुदाय के लोगों का पलायन का मामला प्रमुखता से उठाया था। इस मामले को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर उन्हें अवगत कराया था। कैराना सांसद हुकुम सिंह ने उन्हें बताया था कि प्रदेश में कानून व्यवस्था लचर होने के कारण सैकड़ों लोग पलायन कर चुके हैं। कई लोगों ने अपने घरों के आगे यह मकान बिकाऊ लिख दिया है। यह मामला मीडिया में सुर्खियां बनने के बाद पूरे देश में हाय तौबा मच गई थी।  

इसी कड़ी में बिजनौर जिले के गांव ढकौला में दो समुदायों के बीच धर्मस्थलों को लेकर काफी दिनों से विवाद चला आ रहा है। यह गांव मुस्लिम बहुल है। हिंदू समुदाय के कम लोग ही यहां रहते हैं। दो वर्ष पूर्व गांव में मस्जिद का निर्माण शुरू होने पर मामला गरमा गया था। पुलिस ने इस निर्माण पर रोक लगा दी थी। इस बीच मस्जिद पर पुन: निर्माण करने व लाउडस्पीकर लगाने पर हिंदू समुदाय के लोगों ने भी गांव में मंदिर बनाने के लिए साफ सफाई शुरू कर दी। इस पर मुस्लिम समाज ने एतराज जताया। पुलिस ने बिना अनुमति के निर्माण करने पर रोक लगा दी। 
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एक समुदाय के लोगों का गांव छोड़ने का फैसला

कैराना गांव
आरोप है कि पुलिस ने मस्जिद के निर्माण को नहीं रोका। एक समुदाय के लोगों ने इसकी शिकायत एसडीएम धामपुर से की। तहसील अधिकारियों व पुलिस ने गांव जाकर बिना अनुमति के निर्माण पर रोक लगा दी। आरोप है कि विवाद के चलते एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के एक घर पर हमला बोल दिया। एक दुकान से बोतलें उठाकर घरों पर फेंककर डराया धमकाया गया। दोनों पक्ष थाने पहुंच गए। 

आरोप है कि पुलिस ने एक पक्षीय कार्रवाई की। गांव से पुलिस हटते ही मस्जिद पर लाउडस्पीकर चालू करके अजान की गई और नमाज भी पढ़ी गई। इससे खफा कई लोगों ने घरों को छोड़ने का फैसला करते हुए अपने घरों के बाहर मकान बिकाऊ तक लिख दिया है। घर छोड़ने की सूचना पर प्रशासन में हड़कंप मच गया। कई आला अधिकारियों ने गांव में डेरा डाल दिया है। उधर, एसओ अता मोहम्मद का कहना है कि मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है।

अफसरों ने ग्रामीणों  को समझाया
नहटौर। ढकौला प्रकरण में एसडीएम व सीओ ने मौके पर पहुंचकर घटना के संबंध में जानकारी ली। अधिकारियों ने दोनों समुदायों के लोगों की बैठक ली। बैठक में कोई नतीजा नहीं निकल सका है। गांव में दोबारा से पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। एसडीएम धामपुर सतेंद्र कुमार सिंह का कहा है कि दोनों समुदायों के लोगों से वार्ता की जा रही है। गांव में बिना अनुमति के कोई भी कार्य नहीं होने दिया जाएगा।
 
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