सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि 2023 में कन्नड़ समर्थकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने पर दर्ज किए गए सभी मामले वापस लिए जाएंगे। इस पर राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि कैबिनेट समिति पहले इसकी जांच करेगी। इसके बाद प्रस्ताव अमल में लाया जाएगा।
कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने कन्नड़ समर्थकों को बड़ी राहत देने के लिए एलान किया। उन्होंने कहा कि 2023 में कन्नड़ समर्थकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने पर दर्ज किए गए सभी मामले वापस लिए जाएंगे। इस पर राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि कैबिनेट समिति पहले इसकी जांच करेगी। इसके बाद प्रस्ताव अमल में लाया जाएगा।
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विधान सौध क्षेत्र में कर्नाटक की देवी भुवनेश्वरी की कांस्य प्रतिमा के लोकार्पण समारोह में सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि हमें सभी भाषाओं से प्रेम करना चाहिए। उनको अपनाना चाहिए। कर्नाटक में भी कन्नड़ लोगों को कन्नड़ में अपने भाइयों और अन्य लोगों से बोलने और बातचीत करने की संस्कृति का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरी भाषाओं में गलत बोलने के बजाय हमें अपनी भाषा बोलनी चाहिए। हमारे सभी पड़ोसी राज्य में वहां के लोगों द्वारा बोली जाने वाली भाषा की संप्रभु है।
सीएम ने कहा कि यहां भी इसका अभ्यास किया जाए। राज्य में हर किसी को कन्नड़ भाषा, संस्कृति और कला के प्रति सम्मान विकसित करना चाहिए। तभी कन्नड़ संप्रभु भाषा बन पाएगी। वहीं कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि एक प्रक्रिया है। कैबिनेट समिति इसकी जांच करेगी। अगर इसे वापस लेना है, तो यह कैबिनेट के पास जाएगा।
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कन्नड़ समर्थक कार्यकर्ताओं ने किया था विरोध
2023 में कर्नाटक में कर्नाटक रक्षण वेदिके (नारायण गौड़ा गुट) के कार्यकर्ताओं ने बंगलूरू में दुकानों पर कन्नड़ भाषा में साइनबोर्ड लगाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। कार्यकर्ताओं ने उन दुकानों में तोड़फोड़ भी की, जिन पर कन्नड़ भाषा में साइनबोर्ड नहीं थे। मामले में दुकानों में तोड़फोड़ करने वाले कर्नाटक रक्षण वेदिके के अध्यक्ष टीए नारायण गौड़ा समेत 29 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जबकि 500 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था।