सिक्किम के डोकलाम में 73 दिन तक चले टकराव को देखते हुए सेना ने चीन सीमा से लगते इलाकों में सड़क निर्माण में तेजी लाने का फैसला किया गया। इसका मकसद आपातकालीन स्थिति में सैनिकों को जल्द से जल्द सीमा तक पहुंचाना है। इस काम का जिम्मा उसने इंजीनियर्स कोर को सौंपा है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इंजीनियर्स कोर (सीओई) पहले ही इसके लिए कई अहम कदम उठा चुका है। इसमें पहाड़ काटने और सड़क निर्माण के विभिन्न उपकरणों और नए संस्करणों के आदेश दिए जा चुके हैं। इसके अलावा सैनिकों की तीव्र आवाजाही के लिए असाल्ट ट्रैक की खरीद की जा रही है।
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सूत्रों ने बताया कि सेना मुख्यालय ने बारूदी सुरंग का पता लगाने की कोर इंजीनियरों की क्षमता बढ़ाने के लिए एक हजार से अधिक दोहरे ट्रैक माइन डिटेक्टरों के आर्डर दिए है, जिससे सुरंगों का पता लगाने की सीओई की क्षमता को बढ़ाया जा सके। साथ ही नई तकनीक वाली 100 से ज्यादा खुदाई की मशीनें भी खरीदी जा रही हैं, जिससे उत्तरी इलाके में पहाड़ी क्षेत्रों के पास ट्रैक तैयार करने के लिए इंजीनियरों की क्षमता बढ़ाई जा सके।