नोटबंदी के बाद काले धन पर शिकंजा कसने के लिए केंद्र सरकार एक और कदम उठा सकती है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय घर में कैश रखने की सीमा तय करने पर विचार कर रहा है।
खबरों के मुताबिक नोटबंदी के बाद लगातार चल रही छापेमारी में भारी मात्रा में नकदी बरामद होने के मद्देनजर वित्त मंत्रालय कैश लिमिट तय करने की जरूरत महसूस कर रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक मंत्रालय विभिन्न एजेंसियों के साथ इस बात पर विचार कर रहा है कि आखिर घरों में नकदी रखने की सीमा क्या हो। सूत्रों की माने तो मंत्रालय इस संबंध में जल्द फैसला लेकर इसकी घोषणा कर सकता है।
दरअसल, ब्लैकमनी पर बनी एसआईटी के अध्यक्ष जस्टिस एमबी शाह और उपाध्यक्ष अरिजित पसाायत ने वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिखकर कहा है कि अगर नकदी रखने की सीमा तय नहीं की गई तो नोटबंदी प्रभावी साबित नहीं होगी। इस चिट्ठी में दोनों ने कहा कि अगर कैश लिमिट तय नहीं हुई तो लोग फिर से काला धन जमा कर लेंगे।
इससे पहले एसआईटी घर में कैश रखने की लिमिट 15 लाख रुपये तय करने की सिफारिश कर चुकी है। जुलाई में वित्त मंत्रालय को सौंपी अपनी 5वीं रिपोर्ट में एसआईटी ने 15 लाख रुपये से ज्यादा कैश घर में रखने के लिए इनकम टैक्स कमिश्नर की अनुमति लेनी की सिफारिश की थी। रिपोर्ट में किसी व्यक्ति के खाते से तीन लाख रुपये से ज्यादा निकाले जाने पर बैंक से फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को जानकारी दिए जाने पर जोर दिया गया है।