पांच राज्यों के नतीजों की समीक्षा के साथ ही कांग्रेस में घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को स्पष्ट तौर पर कहा कि पार्टी में जल्द ही संगठनात्मक और ढांचागत परिवर्तन किए जाएंगे और ये जरूरत है। ओडिशा में पंचायत चुनाव की हार के बाद महासचिव बीके हरिप्रसाद के इस्तीफे से चुनाव हारे राज्यों के प्रभारियों पर भी दबाव बढ़ने लगा है।
पार्टी में दस जनपथ के करीबी जिम्मेदार पदों पर बैठे नेताओं की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी के इस बयान कि सर्जरी का समय गुजर चुका है ने आग में घी का काम किया है।
कांग्रेस के हाथ में आए गोवा और मणिपुर राज्य देखते-देखते भाजपा के पास चले गए। कांग्रेस में भाजपा नेताओं के बयान कि कांग्रेस ने देर की और दावा पेश नहीं किया को गंभीरता से लिया गया है। पार्टी के भीतर कुछ नेताओं ने राहुल गांधी से मिलकर गोवा और मणिपुर में पार्टी नेताओं की सक्रियता पर सवाल उठाए हैं।