चीन ने अपने आधिकारिक मानचित्र में अरुणाचल प्रदेश के छह जगहों का नाम बदल दिया है। ये इस महीने दलाई लामा के भारत के पूर्वोत्तर राज्यों की यात्रा के खिलाफ चीन की जवाबी कार्रवाई का पहला संकेत है।
ये भी पढ़ें- भारत की दो टूक, चीन के कब्जे वाले तिब्बत पर नहीं बदली है अपनी पॉलिसी
चीन ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा है। चीन ने कहा कि इस क्षेत्र का तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (टीएआर) के साथ बौद्ध संबंध है। आधिकारिक चीनी मानचित्र में अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत के हिस्से के रूप में दिखाया गया है।
चीनी राज्य मीडिया ने कहा कि भारत को क्षेत्र की संप्रभुता दिखाने के लिए नाम बदला गया है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि चीन ने दक्षिण तिब्बत के 6 क्षेत्रों के नामों का मानकीकरण किया है, जो चीनी क्षेत्र का हिस्सा है लेकिन इसमें से कुछ क्षेत्रों का नियंत्रण भारत द्वारा किया जाता है।
ये भी पढ़ें- चीन के अखबार का दावा, भारत के शासन से खुश नहीं हैं अरुणाचल के लोग
रिपोर्ट के अनुसार इन क्षेत्रों का आधिकारिक नाम रोमन वर्णमाला के अनुसार वूगईलिंग, मिला री, क्ओडेंन्गार्बो री, मेनक्वाका, ब्यूमो ला और नमकापब री रखा गया है। इन बदलावों को 13 अप्रैल से लागू कर दिया गया है।
गौरतलब है कि चीन दलाई लामा की भारतीय पूर्वोत्तर राज्यों की यात्रा का शुरुआत से ही विरोध कर रहा है। चीन ने कहा था कि भारत 'बीजिंग के हितों को कमजोर' करने के लिए दलाईलामा का इस्तेमाल न करे।