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कुछ दिनों में नहीं होगी टीके की किल्लत: कोवाक्सीन, कोविशील्ड और स्पूतनिक-वी के बाद ये वैक्सीन भी हैं कतार में

Mon, 17 May 2021 06:29 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सरकारी दावों के मुताबिक अगस्त से दिसंबर तक सबसे ज्यादा कोविशील्ड की 75 करोड़ डोज उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसके अलावा कोवाक्सीन की 55 करोड़ और स्पूतनिक-वी की 15.6 करोड़ डोज तैयार करके उपलब्ध कराई जाएंगी। रूस की स्पूतनिक-वी की भी पहली खेप भारत आ चुकी है...
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कोरोना वैक्सीन - फोटो : PTI (फाइल फोटो)
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विस्तार
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देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच वैक्सीनेशन कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है, लेकिन इसकी रफ्तार बेहद धीमी नजर आ रही है। कई सेंटर पर वैक्सीन उपलब्ध ही नहीं तो कई जगह वैक्सीन की कमी के चलते टीकाकरण ठीक से नहीं हो पा रहा है। इस बीच केंद्र सरकार ने अगस्त से लेकर दिसंबर के बीच कोविड-19 वैक्सीन की 216 करोड़ डोज तैयार करने का दावा किया है।

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सरकारी दावे के मुताबिक अगस्त से दिसंबर तक सबसे ज्यादा कोविशील्ड की 75 करोड़ डोज उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसके अलावा कोवाक्सीन की 55 करोड़ और स्पूतनिक-वी की 15.6 करोड़ डोज तैयार करके उपलब्ध कराई जाएंगी। कोविशील्ड और कोवाक्सीन का निर्माण पहले ही भारत में हो रहा है। ये वैक्सीन लोगों को लगाई भी जा रही हैं। रूस की स्पूतनिक-वी की भी पहली खेप भारत आ चुकी है। ये वैक्सीन संभवतया 17-18 मई के बाद बाजार में भी आ जाएगी। जुलाई से इसका भारत में उत्पादन भी शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। लेकिन सरकार ने अन्य कई वैक्सीन का जिक्र किया है जिनका नाम पहले नहीं सुना गया। आइए जानते हैं कि ये कौन सी वैक्सीन हैं, और कहां बन रही हैं और कब इनके तैयार होने की उम्मीद है।

ये हैं कुछ और नई वैक्सीन

जायडस कैडिला: ये वैक्सीन भारत में तैयार की जा रही है। इस वैक्सीन का ट्रायल तीसरे फेज़ में है। कंपनी का दावा है कि ट्रायल सफलतापूर्वक होते ही वह इसके प्रोडक्शन में जुट जाएगी और इसी साल पांच करोड़ डोज बनाकर तैयार कर देगी।

नोवावैक्स: ये अमेरिकी कंपनी है जो वैक्सीन का निर्माण कर रही है। इसी कंपनी के फॉर्मूले पर भारत में कोवावैक्स नाम से वैक्सीन तैयार करने का काम सीरम इंस्टीट्यूट कर रहा है। ये वैक्सीन सितंबर 2021 तक लांच कर दी जाएगी।

बायो इ सब या बायोलॉजिकल: हैदराबाद की एक कंपनी ये वैक्सीन तैयार कर रही है। ये वैक्सीन फिलहाल फेज़-3 ट्रायल में है और जल्द ही इसका भी प्रोडक्शन शुरू हो सकता है।

भारत बायोटेक नेजल वैक्सीन: ये नाक से दी जाने वाली वैक्सीन है। इसे भारत में ही भारत-बायोटेक तैयार कर रहा है। इसके ट्रायल के लिए डीजीसीआई से अनुमति मांगी गई है। अभी तक इस वैक्सीन का ट्रायल शुरू नहीं हुआ है।

जेनोवा: पुणे की जेनोवा फार्मास्युटिकल इस वैक्सीन को तैयार कर रही है। इस वैक्सीन को भी जल्द ही अप्रूवल मिल सकता है।
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ये जानकारियां ट्विटर के जरिए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दी है। जानकारी के अनुसार, बायोलॉजिकल द्वारा 30 करोड़ खुराक, जायडस कैडिला वैक्सीन की पांच करोड़, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा नोवावैक्स वैक्सीन की 20 करोड़ खुराक और भारत बायोटेक द्वारा उसकी नेजल वैक्सीन की 10 करोड़ खुराकें जबकि जेनोवा की छह करोड़ खुराक और स्पूतनिक-वी की 15.6 करोड़ खुराक अगस्त से लेकर दिसंबर के बीच उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।
इससे पहले केंद्र सरकार ने कहा था कि स्वदेशी वैक्सीन कोवाक्सीन का उत्पादन मई-जून तक दोगुना कर दिया जाएगा। सितंबर तक हर महीने दस करोड़ वैक्सीन के डोज का उत्पादन होने लगेगा। केंद्रीय विज्ञान और तकनीक मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक आत्मनिर्भर भारत मिशन 3.0 के तहत स्वदेशी वैक्सींस को बढ़ावा दिया जाएगा।

इसी मिशन के तहत भारत सरकार का बायोटेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट वैक्सीन प्रोडक्शन के लिए फंड मुहैया करा रहा है। वर्तमान में स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सीन का हर महीने एक करोड़ डोज का प्रोडक्शन किया जा रहा है। सितंबर 2021 तक हर महीने इस वैक्सीन के दस करोड़ डोज प्रोड्यूज किए जाएंगे।
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