आंध्रप्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में पुलिस ने एक डॉक्टर और उसके परिवार की आत्महत्या की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस का कहना है कि इस परिवार ने ये कदम चार लोगों द्वारा ठगे जाने के बाद उठाया है। पुलिस का कहना है कि सर्जन, डॉक्टर पेनमेत्सा रामाकृष्णम राजू को चार लोगों के एक गैंग ने ठगा है।
गैंग ने डॉक्टर से उनका पैसा दोगुना करके देने का दावा किया था। इस गैंग ने ये काम चावल के जादुई दानों से करने का वादा किया था। इस काम के लिए डॉक्टर ने उन्हें किश्तों में 5.5 करोड़ रुपये दे दिए थे। ये पैसे डॉक्टर ने उधार देने वाले स्थानीय लोगों से भारी ब्याज दर पर लिए थे।
पुलिस ने बताया कि जब राजू को इस बात का पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है, तो उन्होंने अपने परिवार के साथ आत्महत्या कर ली। ठगी लोगों में से एक वरीकूटी वेंकटा वेनुधारा प्रसाद को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया है। गैंग के बाकी लोगों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की विशेष टीम गठित की गई है।
'राइस पुलिंग' शब्द उन लोगों के लिए कहा जाता है जो अपने कब्जे वाले चावल के दानों के जरिए किसी चीज को आकर्षित करने का दावा करते हैं। ये गैंग लोगों को निशाना बनाते हुए उन्हें अपने विश्वास में ले लेता है और कहता है कि उनके पास मौजूद चावल के दाने लक लेकर आते हैं, साथ ही लोगों को अमीर भी बनाते हैं।
55 साल के राजू, उनकी 45 साल की पत्नी लक्ष्मी देवी और उनके 25 साल के फिजिशियन बेटे संदीप ने बीते हफ्ते आत्महत्या कर ली थी। इन्होंने एक ऐसा हाई डोस ड्रग्स लिया था जिससे तुरंत मौत हो जाती है।
इस मामले पर अमलापुरम के डीएसपी शेख मासूम बाशा का कहना है कि गिरफ्तार किया गया आरोपी प्रसाद कृष्णा जिले के कोडुरू गांव का रहने वाला है, जो हैदराबाद में रह रहा था। प्रसाद ने शावालिन, अनंथरम और श्रीनिवासा के साथ मिलकर राइस पुलिंग गैंग बनाया था। इन्होंने लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए कहा कि चावल के दाने भगवान की तस्वीरों के साथ सिक्कों को आकर्षित करते हैं।
पूर्वी गोदावरी एसपी नयीम असमी का कहना है कि पुलिस विशेष टीमें बनाकर बाकी के तीन आरोपियों की तलाश कर रही है।